जैसा कि पहले आशन्का मैने जग जाहिर की थी कि नेताओं की नूरा कुश्ती में “हमाम में सब नन्गे हैं ” वाली मसल चरितार्थ होने जा रही है । सभी दलों को चुनाव में मिले वोटों के रुख को भाम्पकर यह आशन्का हो गयी है कि त्रिशन्कु लोक सभा का मैन्डेट देश की जनता ने [...]
Archive for April, 2009
हवा का रुख , कहां जा रहा है ?
Posted in Uncategorized on April 25, 2009 | Leave a Comment »
जेल में बन्द साध्वी प्रग्या पर दूसरे कैदी द्वारा हमला
Posted in Uncategorized on April 21, 2009 | Leave a Comment »
ताज्जुब की बात है, इस देश का मीडिया किसी नेता के छींक देने की स्टाइल को खबर बना देता है । एक दूसरा चैनेल तो इतना तेज़ है कि खबर आधी मिलते ही बाकी की आधी खबर खुद जोड़्कर प्रसारित कर देता है, इससे पहले की दूसरा चैनेल उस खबर को ब्राड्कास्ट करे । श्टिन्ग [...]
ळोक सभा के चुनाव के पहले चरण के मतदान का सन्शय
Posted in Uncategorized on April 18, 2009 | Leave a Comment »
पहले चरण का मतदान सम्पन्न हो चुका है । जैसा कि अनुमान लगाया जा रहा था कि चुनाव शान्ति पूर्वक होन्गे, वह तो नही हुआ । नक्सलियों के हमले ने पुलिस बल पर हमला करके अपनी मन्शा जग जाहिर कर दी है । आशन्का की जा रही थी कि कि चुनाव में बिघ्न और बाधायें [...]
वरुण गान्धी के फैक्टर से सवर्ण मतदाता अन्दर ही अन्दर बहुत नाराज
Posted in Uncategorized on April 16, 2009 | Leave a Comment »
उत्तर प्रदेश की मुख्य मन्त्री मायावती का वरुण गान्धी के खिलाफ़ रासुका लगाये जाने से अन्दर ही अन्दर सवर्ण मतदाता बहुत नाराज है । जिसे आज सोसल एन्जीनियरिंग कहकर महिमा मन्डित किया जा रहा है, वह सोसल इन्जीनियरिंग इस लोक सभा के चुनाव में चलने वाली नहीं है । प्रदेश में विधान सभा के चुनाव [...]
क्षेत्रीय दलों की सरकार बनने में अहम भूमिका
Posted in Uncategorized on April 16, 2009 | Leave a Comment »
यह तो तय है की त्रिशन्कु लोक सभा बनेगी, क्योंकि न तो काग्रेस को स्पस्ट बहुमत मिलेगा और न बीजॆपी को । दोनों ही दल बहुमत के आन्कड़े से नीचे ही रहेगे । सरकार तो बननी है, यह समवैधानिक मज्बूरी है । कैसे बनेगी, यह सभी राजनीतिक दलों की मजबूरी है कि वे किस तरह [...]
त्रिशन्कु लोकसभा के आसार
Posted in Uncategorized on April 12, 2009 | Leave a Comment »
मै रोजाना मजे की तदाद में लोगो से मिलता हुं , उनसे बातें करता हू और अपने मतलब की जो भी बात होती है उसे निकाल लेता हुं । मुझे बाहर भी जाना पड़्ता है और दूर दराज के लोगों से बातें करने का मौका मिल जाता है, जिससे अपने काम की बात निकल आती [...]
जरनैल सिन्घ कि सबसे बड़ी गलती
Posted in Uncategorized on April 9, 2009 | Leave a Comment »
बन्दे से बहुत बड़ी चूक हो गयी । काम जरूर बड़ी दिलेरी का किया । सही भी है , ऐसा काम तो सरदार के अलावा कोई कर भी नही सकता था । सरदारों के बारे में कहावत भी ठीक है ” सरदार पहले करते हैं और फिर बाद में सोचते हैं कि अच्छा किया या [...]
जूते चल गये और वोटों की राजनीति भी चल गयी
Posted in Uncategorized on April 7, 2009 | Leave a Comment »
यह काम मेरे मन का हुआ है । कई बार अपने पत्रकारिता के जीवन में मुझे भी ऐसे अवसर आये जब मेंरी इच्छा होती थी की मै फ्लाने फ्लाने नेता को जूतों जूतों मारुं , जमीन में गिरा गिरा के, पटक पटक कर मारूं । लेकिन पत्रकारिता का धर्म सबसे पहले आ जाता , [...]