उत्तर प्रदेश की मुख्य मन्त्री मायावती का वरुण गान्धी के खिलाफ़ रासुका लगाये जाने से अन्दर ही अन्दर सवर्ण मतदाता बहुत नाराज है । जिसे आज सोसल एन्जीनियरिंग कहकर महिमा मन्डित किया जा रहा है, वह सोसल इन्जीनियरिंग इस लोक सभा के चुनाव में चलने वाली नहीं है । प्रदेश में विधान सभा के चुनाव का समिकरण कुछ दूसरा था, तब थोड़े समय के लिये यह युक्ती काम आ गयी । ळोक सभा के चुनाव में यह काम नही आ पायेगी, यह तो तय है ।
वरुण गान्धी पर रासुका लगाने से सभी सवर्ण बहुत आहत हुये हैं । झिस तरह से यह लगाया गया, इसके पीछे की मन्शा का भी पर्दाफास हो चुका है । सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि ज्यादती हुयी है ।
अब यही फैक्टर मायावती की लुटिया डुबो देगा । बहुजन समाज पार्टी बहुत बुरी तरह से हारेगी । इनका आन्कड़ा जितना सन २००४ के चुनाव में था, उतना ही बना रह पायेगा, इसमें भी सन्देह है ।