जरनैल सिन्घ कि सबसे बड़ी गलती

बन्दे से बहुत बड़ी चूक हो गयी । काम जरूर बड़ी दिलेरी का किया । सही भी है , ऐसा काम तो सरदार के अलावा कोई कर भी नही सकता था । सरदारों के बारे में कहावत भी ठीक है ” सरदार पहले करते हैं और फिर बाद में सोचते हैं कि अच्छा किया या खराब किया” । जरनैल सिन्घ ने पहले कर डाला, जो भी करना था, वह आनन फानन में हुआ । जब समझ में आया तो पता चला कि अच्छा नही किया, इसलिये अपने काम की माफी भी मान्ग ली ।

एक बहुत बड़ी गलती सरदार जरनैल सिन्घ से हो गयी, इसलिये ये थोड़ा पीछे रह गये । ईराकी पत्रकार ने अपने दोनों जूते बुश की तरफ पेंके थे , जरनैल सिन्घ ने इसके मुकाबले आधा ही काम किया । यह बहुत बड़ी गलती सरदार से हो गयी ।

किसी जमाने में नेताओं को जूतों की माला पहनायी जाती थी । मैने अपने बचपन और किशोर अवस्था में बहुत से नेताओं को जूतों की माला पहनाते हुये देखा है । टमाटर, अन्डे, कीचड़, टट्टी, पाखाना, मूत्र आदि गलीज चीजें भी नेताओं पर फेंके जाते हुये देखा है । यह साठ और सत्तर के दशक की बात थी । लगता है, इतिहास अपने को फिर दोहराने जा रहा है ।

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