“भ्रष्टाचार” तो पूर्व प्रधान मन्त्री माननीय जवाहर लाल नेहरू के प्रधान मन्त्रित्व के शाशन काल और उनके प्रशासनिक समय की देन

“भ्रष्टाचार” तो पूर्व प्रधान मन्त्री माननीय जवाहर लाल नेहरू के प्रधान मन्त्रित्व के शाशन काल और उनके प्रशासनिक समय की देन है / यह कोई आज की बात नहीं है / कोई अगर यह कहे कि भ्रष्टाचार आज के समय की देन है तो यह बेईमानी होगी /

सन १९५५ के बाद से ही इस देश में केन्द्र शासन के स्तर पर भ्रष्ट आचरण की नींव पड़ना शुरू हो चुकी थी / यह आचरण नया नया शुरू हुआ था यानी यह कहा जाय कि भ्रष्टाचार का इस देश में पदार्पण का पहला कदम शुरू हुआ था /

आम लोग इस तरह के कदाचरण की चर्चा करते थे /

सन १९६० के आस पास की बात होगी, जब प्रधान मन्त्री श्री जवाहर लाल नेहरू के समय की सरकार में शामिल गृह मन्त्री श्री गुलजारी लाल नन्दा जी ने इस पनपते और सिर उठाते हुये भ्रस्टाचार से आजिज होकर सन्सद के अन्दर और बाहर यह कहा कि ” इस देश से मै दो साल के अन्दर भ्रस्टाचार को मिटा दुन्गा ” /

उस समय गृह मन्त्री श्री गुलजारी लाल नन्दा के इस बयान पर बहुत बवाल हुआ / कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने इसका बहुत विरोध किया / जनता के बीच इस बयान का बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं हुयी / इस देश की जनता ने उनके इस बयान का कोई स्वागत नहीं किया / सबने उनके इस बयान की बहुत खिल्ली उड़ाई /

दो क्या, कई साल बीत गये / लेकिन भ्रष्टाचार जहां का तहां बना रहा / दो साल मे भ्रस्टाचार को समाप्त करने का दावा करने वाले श्री गुलजारी लाल नन्दा आखिर में इस दुनिया से ही निपट गये /

2 टिप्पणियाँ

  1. – सदाचार तप अनुभवी तपस्वी ज्ञाता थे भारतरत्न गुलजारीलाल नंदा -.
    1950 से १९६२ तक योजना श्रम रोजगार विधुत सिचाई मंत्री पद सम्भालने के बाद वे देश में गुलजारीलाल नंदा 1963 में पंडित जवाहरलाल नेहरु शासन में ग्रहमंत्री बनाये गये थे,वे प्रखर गांधीवाद सिद्दांत के सदाचार मार्गी भारतीय राजनीतिज्ञ और श्रम समस्याओं में विशेषज्ञ थे .भविष्य के शोध विषय पर काफी अनुभवी तपस्वी ज्ञाता थे .
    भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ उन्होंने 1937 से ही विचार बना लिए थे की पूर्ण भारतीय स्वाधीन सत्ता प्राप्ति के बाद भारत को सुद्द राजनेतिक कदम से विदेशी दास्ताँ कालीन सड़े गले सिस्टम भ्रष्ट व्यवस्था से निजात दिलाई जाएगी .इसलिए उन्होंने 1963 में ग्रह मंत्रालय सम्भालते ही इस जटिल समस्या के समाधान के लिए अपनी ही सत्ता को 2 साल के समय में संकल्प की घोषणा करते स्वयम को जवाबदेही में बांध लिया था .
    उनके ऐलान से भारतीय राजनीती में खासकर उन कुछ लोगों को बोखलाहट होना स्वभाविक था जो इस सत्ता मद से वोट बेंक बनाकर आजादी का पूरा लाभ लेना चाहते थे . इसी पहल में उन्होंने कई एतिहासिक कदम उठाते ग्रह मंत्रालय में कई उप विभाग स्थापित किये थे जिनमे जन शिकायतों के निपटारे हो सकें .
    शीर्षक में उपरोक्त “भ्रष्टाचार” तो … लेखक के चरित्र को सुझाव आग्रह -एक महान तपस्वी भारतरत्न के प्रति कुछ कहते या लिखते भाषा का उपयोग सम्माननीय होना चाहिए .
    देश में उन्होंने कई एतिहासिक योजनाये और नीतियाँ दिन जिनका अनुशरण कई विद्वान देशों ने किया .भारतीय राजनेतिक पटल पर वंश विहीन राजनीती के आकाश कुसुम थे नंदा .देश में वे पहले भारत रत्न राजनेता हैं जिनके जीवन दर्शन पर समाज कार्य करने वालों को नेतिक पुरुस्कार से महामहिम रास्ट्रपति द्वारा हर वर्ष न्याय मूर्ति पी एन भगवती एवं जस्टिस जे एस वर्मा के परामर्श निर्णायक मंडल गुलजारीलाल नंदा फाउंडेशन मंच पर सम्मानित किया जाता रहा है. आज देश दुनिया में गुलजारीलाल नंदा फाउंडेशन अकेला स्वेछिक संस्थान है जो नेतिक विकास यात्रा में बिना किसी चंदे या अनुदान के देश में पर्यावरण मित्र योजना से लेकर सदाचार सद्भावना मिशन से जुड़े विभिन्न जनसेवा मंचों का प्ररेणा श्रोत है .
    प्रस्तुति -के आर अरुण चेयरमेन गुलजारीलाल नंदा फाउंडेशन (समाज कार्य एवं अनुसन्धान समिति )हरियाणा
    इ मेल – gnf2012@gmail.com

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s