प्रधान मन्त्री सरदार मन मोहन सिंह की सरकार का क्या २०११ में अन्त हो जायेगा ?

प्रधान मन्त्री सरदार मन मोहन सिंह की सरकार का क्या २०११ में अन्त हो जायेगा ?

हालात तो कुछ ऐसे ही पैदा हो रहे है / यह कान्ग्रेस की खुश किस्मत थी कि २००९ के चुनाव में उसकी सरकार बन गयी / वह भी दूसरे दलों के समर्थन से / अब इन सभी समर्थन देने वाले दलों के और कान्ग्रेस पार्टी के बीच क्या और किस तरह की डील हुयी और उनके बीच क्या सहमति हुयी , यह तो वही जाने, लेकिन सच सामने आ गया , जब २ जी घोटाला हुआ, राष्ट्र मन्डल खेलों मे भयानक तरीके का भ्रष्टाचार निकल कर सामने आया , मुम्बई की आदर्श सोसायटी मे गैर कानूनी खेल हुआ और इसके साथ ऐसी दूसरी बातें सामने आयी , जिसे मैने पिछले साठ साल में न देखा , न सुना /

अन्ना हजारे हमारे देश के एक वरिष्ठ नागरिक है / वे भारतीय सेना की सेवा एक सैनिक के स्वरूप में कर चुके है / सामाजिक कार्यों की बदौलत उनको उपलब्धियां मिली, जिसे देखकर कोई भी शख्स उनके एचीवमेन्ट का अन्कलन कर सकता है / अविवाहित अन्ना हजारे के पास अपना कहने के लिये कुछ भी नहीं है, न कोई बहुत ज्यादा बैन्क बैलन्स, न दुकान, न मकान, न प्रापर्टी, न खेत , न खलिहान, न कोई असेट्स / यह बात इस देश की जनता को अच्छी तरह से पता है /

अन्ना जी को सेना की ओर से कई मेडल दिये गये / उनको देश का पद्म श्री, पद्म भूषन, राजीव गान्धी सद्भावना पुरस्कार और भारत सरकार तथा महाराष्ट्र सरकार के पुरष्कारों से नवाजा गया / उनकी उपलब्धियों के बारे में मैने दो दशक पहले मशहूर अन्ग्रेजी मासिक पत्रिका Readers Digest में पढा था /

ऐसे साफ सुथरे चरित्र जैसे व्यक्ति के ऊपर जब कान्ग्रेस के घाघ नेताओं ने और सरकार ने साथ मिलकर चौतरफा हमला बोला तो यह स्वाभाविक था कि इसकी प्रतिक्रिया धीरे धीरे जन मानस में कान्ग्रेस के खिलाफ होती चली गयी / कान्ग्रेस के कपिल सिब्बल, पी० चिदामबरम, अम्बिका सोनी, जनार्दन द्विवेदी के साथ साथ अभिषेक मनु सिन्घवी, मनीष तिवारी और दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं ने जब अन्ना के खिलाफ बोलना शुरू किया तो इस देश की जनता को यह अच्छा नही लगा / देश के लोगों ने यह समझा कि कान्ग्रेस एक तो खुद चोरी और भ्रष्टाचार कर रही है , इसके साथ साथ सीना जोरी भी दिखा रही है और इस बात की चुनौती इस देश की जनता को दे रही है कि अब जो भी उखाड़ना है , उखाड़ लो /

कान्ग्रेस पार्टी और कान्ग्रेस की सरकार की ऐसी ललकार और इस देश की जनता को दी गयी चुनौती से जनता सनक गयी और नतीजा सामने है , जो हम सभी देख रहे है /

दिनांक १६ अगस्त २०११ को सन्सद के अन्दर के बीते घटना क्रम को याद करिये / सन्सद ठप हो गयी थी / लगभग दिन ११ बजे श्री लाल कृष्ण आडवाणी से कम्युनिस्ट पार्टी के सान्सदों की मुलाकात हुयी / फिर दिन में ४ बजे शाम यही सब सान्सद और विपक्ष के अन्य नेता श्रीमती सुषमा स्वराज से मिले और बैठक हुयी / इसी बैठक में भाग लेने के लिये समाजवादी पार्टी के श्री मुलायम सिह जी यादव भी आये /

यह बैठक शाम ६ बजे तक चली / बैठक समाप्त होने के बाद श्री मुलायम सिह ने कहा कि सरकार ने अन्ना को गिरफ्तार करके गलती की है, इसका खामियाजा इस सरकार को भुगतना पड़ेगा /

शाम ७ बजे अन्ना हजारे को दिल्ली पुलिस रिहा कर देती है / क्यों ?

हम केवल कयास और Guess लगा सकते है कि क्या क्या स्तिथियां बन सकती है, जब कम्युनिस्ट पार्टी के साथ सारा विपक्ष और श्री मुलायम सिह मिले होन्गे ?

पहला – देश की स्तिथि पर चर्चा और सबका यह कहना कि देश में emergency जैसे हालात हो गये है

दूसरा – कान्ग्रेस की सरकार को सहयोग दे रहे दलों की मानसिकता और उनके विचार

तीसरा – क्या हालात ऐसे बन रहे है जिससे कान्ग्रेस की सरकार अल्प मत में आ सकती है /

चौथा – कान्ग्रेस की सरकार यदि बनी रहती है तो सब ठीक है लेकिन परिस्तिथि वश यदि गिरती है तो इस स्तिथि में क्या किया जा सकता है ?

पान्चवा – भारतीय जनता पार्टी का कहना होगा कि अगर सरकार अल्प्मत में आती है तो वे सरकार नहीं बनायेन्गे क्योंकि कोई भी नेता नही चाहता कि सरकार गिरने का ठीकरा भाजपा के सिर फोड़ा जाये / वैसे भी उनको कोई समर्थन देने वाला नहीं होगा /

छठवां – इस स्तिथि में एक समीकरण यह होगा कि कम्युनिस्ट सामने आकर सरकार बनायें / लेकिन इनको समर्थन कौन देगा /

सातवां – ऐसे में श्री मुलायम सिह इस देश के प्रधान मन्त्री हो सकते है और कान्ग्रेस सरकार गिरने की दशा में आगे आ सकते है / क्योंकि उनकी छवि बहुत अच्छी नहीं, तो बहुत खराब भी नहीं है /

आठवां – श्री मुलायम सिह को भारतीय जनता पार्टी बाहर से समर्थन दे सकती है और सरकार में शामिल न होकर अगले बचे टर्म तक सरकार चलाने में मदद कर सकती है /

नवां – कम्युनिस्ट तथा शेष विपक्ष जिसमें तेलगू देशम, शिव सेना आदि शामिल होकर अपने अपने राज्यों में फिर से पैठ बना सकेन्गे, क्योंकि ये सब केन्द्र की सरकार में शामिल होन्गे /

दसवां – जाहिर है , उत्तर प्रदेश में चुनाव होने वाले है / सभी के निशाने पर बहन मायावती होन्गी / केन्द्र में जब श्री मुलायम सिह प्रधान मन्त्री होन्गे, तो बहन मायावती का क्या होगा ? यही हाल पश्चिम बन्गाल, आन्ध्र प्रदेश और महाराष्ट्र की सरकारों का होगा / भाजपा का भी फायदा होगा / कम्युनिस्टॊ की बल्ले बल्ले हो जायेगी और जाहिर है कु० ममता बनर्जी से हार की खुन्नस पश्चिम बन्गाल को भी न ले डूबे /

ग्यारहवां – मुलायम सरकार तो जन लोक पाल विधेयक पास करके जनता की वाह वाही तो लूटेगी ही, सभी पार्टियां अपने जनाधार में इजाफा करके देश की जनता की सहानुभूति भी बटोर ले जायेन्गी /

अन्ना हजारे अगर यह कह रहे हैं कि सरकार यदि ३० अगस्त २०११ तक जन लोक पाल बिल नहीं पास करेगी तो फिर सरकार अपने अस्तित्व के लिये भी सोचे ?

कान्ग्रेस की मौजूदा सरकार ने जल्दी ही कुछ नही किया तो मुझे लगता है कि कुछ तो होकर रहेगा, मुझे तो सारी गणित लगाने के बाद यही समझ में आता है /

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