अमिताभ बच्चन के पौत्री आगमन पर ; मेरा सपना पूरा हुआ

तीन वर्ष से अधिक हुआ है यानी २ मार्च २००८ को जब मैने एक रात एक सपना देखा था, जो फिल्म अभिनेता श्री अमिताभ बच्चन से जुड़ा हुआ था और इस सपने में मै देख रहा था कि मैं उनके पोते Grandson को यानी श्री अभिषेक बच्चन के लड़्के को अपनी गोद में लेकर खिला रहा हूं और उसको अपना आशीर्वाद दे रहा हूं / इस सपने का जिक्र मैने अपने इसी ब्लाग के एक पोस्ट पर दिनान्क ०४ मार्च २००८ को किया था /

यह सपना भी बड़ा ही विचित्र था / वैसे मै सपने बहुत कम देखता हूं / अक्सर रात में जब सो जाता हूं तो स्वाभाविक है कि मन की स्तिथि अधिक स्वछन्द और चलाय मान हो जाती है और मन मश्तिष्क अपनी रफ्तार से बेलगाम होकर भागते रहते हैं / नीद के आगोश में न जाने कहां किधर यह मन शरीर को घुमाता रहता है, किसे क्या पता कब किधर यह चला जाय /

मुझे सपने याद भी नहीं रहते हैं / एक तो देखता कम हूं , दूसरे मै सपनों मे क्या हुआ , यह जानने और समझने की फुरसत ही नहीं रहती / मै इन सपनों की हकीकत को न तो नकारता हूं और न ही स्वीकार करता हूं / बुजुर्ग लोग गांव शहर मे बताते थे, जैसा कि मै बचपन से सुनता चला आ रहा हूं, कि सपने अगर ब्राम्ह मुहूर्त में देखें जांयें तो सच निकलते हैं /

मैने यह सपना ब्राम्ह मुहूर्त मे देखा था और कुछ मिनटॊं तक, लगभग चार या पान्च मिनट तक, देखने के बाद मेरी सपना देखते देखते ही नींद पूर्ण चेतना के साथ खुल गयी थी / सपने को देखते देखते मेरे मन की चेतना जब अर्ध चेतन अवस्था में आयी तो इसी अर्ध चेतन अवस्था में मैं यह समझ कर बड़ा आश्चर्य चकित था कि अभी रात तक तो मै कानपुर में था, यह अचानक मै मुम्बई में अमिताभ बच्चन के घर कैसे पहुन्च गया ?

इस सपने के बारे मे मैने किसी को भी नहीं बताया / लेकिन मन में बार बार और कई बार जब इस सपने के बारे मे याद आया तो मैने इसका जिक्र अपनी पत्नी और कुछ दोस्तों को बताया / अगले दिन मैने इस सपने के बारे में अपने इसी ब्लाग के पोस्ट में कुछ साल पहले लिखा था /

मुझे अच्छी तरह अब भी याद है कि जिस बच्चे को अमिताभ बच्चन ने मुझे आशीर्वाद देने के लिये मेरे हाथों में दिया था, वह वास्तव में चड्डी पहने हुये था और डायपर पहने था , इसलिये मुझे उसके लिन्ग के बारे मे कोई ग्यान नही मिला / मैने बाद में अपने आप अनुमान लगाया कि शायद बच्चा पुरूष लिन्ग होगा / इसीलिये उस पोस्ट में मैने Grandson शब्द का प्रयोग किया है /

मुझे खुशी है कि मेरा देखा हुआ सपना पूरा हुआ / मै श्री अमिताभ बच्चन और उनके परिवार को बधाई देता हू और शिशु को दीर्घायु और शतायु होने की शुभ कामना देता हूं /

अमिताभ बच्चन के पिता जी कविवर श्री हरिवन्श राय जी बच्चन को मै अपनी युवावस्था और कालेज के दिनों मे तथा एकाध कवि सम्मेलनों में कविता पाठ करते हुये देखा और सुना है / इसके अलावा मै उनके परिवार के किसी सद्स्य से न तो कभी मिला हूं और न मेरा कोई परिचय है / यदा कदा टी०वी० या फिल्मों में जरूर अमिताभ बच्चन के परिवार के सदस्यों को देख लेता हूं /

बच्चन परिवार को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें /

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