कुकिन्ग गैस ब्लैक करने मे सबसे अव्वल ; कानपुर शहर का बदनाम इन्डेन गैस डीलर “सुमीता गैस एजेन्सी”

कानपुर शहर की जिस इन्डेन कुकिन्ग गैस डीलर के बारे मे देख रहे है  और पढ रहे है आप , वह इस शहर का नम्बर एक कुकिन्ग गैस यानी रसोई गैस को ब्लैक में बेचने वाला कारोबारी है / इस रसोई गैस यानी कुकिन्ग गैस कम्पनी की अनियमितताओं और गैस को ब्लैक में बेचने के बारे मे पचासों बार कानपुर शहर के दैनिक अखबारों मे समाचार छप चुका है / शहर के किसी भी इस गैस आपूर्ति कम्पनी के मेरे जैसे उपभोक्ताओं से पूछ लीजिये और जानकारी करिये कि इस एजेन्सी की गैस , जो उपभोक्ताओं को आपूर्ति की जानी चाहिये वह जाती कहां है ?  घर में गैस की आपूर्ति नहीं होती और न इसके करमचारी घरों में गैस सिलिन्डर लगाने आते है, तो बुक की गयी गैस जाती कहां है ?

पिछले दो द्शकों से मै इस गैस एजेन्सी का उपभोक्ता हूं / इस गैस एजेन्सी का रिकार्ड है कि इसने शायद  ही एक साल में मुझे तीन या चार गैस सिलिन्डर कायदे से भेजे हों / मैने २३ अक्टूबर २०११ को इस गैस एजेन्सी में खुद जाकर अपनी गैस की बुकिन्ग कराई थी, लेकिन एक महीना हो गया अभी तक गैस नहीं आई / यह पहली बार नही हुआ है / ऐसा हर बार होता है और जब भी मै गैस बुक कराता हू, डेढ महीने से लेकर चार महीने में गैस की आपूर्ति हो पाती है / 

अब इनके गैस न भेजने के तर्क भी पढ लीजिये जो इस एजेन्सी के मालिकों और करमचारियों ने गढ रखे हैं /
पहला तर्क-१ ; आपके यहां हमारा कर्मचारी गैस लेकर गया था, लेकिन आपके घर में कोई नहीं था इसलिये गैस वापस आ गयी, इसलिये आपकी गैस कैन्सिल कर दी गयी है / आपको दुबारा गैस बुक करानी पडेगी /

दूसरा तर्क -२ ; आपकी गैस की पर्ची भेज दी गयी है / जब तक आप घर पहुचेन्गे आपकी गैस लग गयी होगी / घर आने पर पता चला कि गैस एजेन्सी से कोई भी बन्दा गैस लगाने नहीं आया / मुझसे इस गैस एजेन्सी के करमचारियों ने झूठ बोला /

तीसरा तर्क-३ ; आपके घर जो सिलिन्डर भेजा गया था उसमें गैस की लीकेज निकल आई, गैस लगाने वाले ने देख लिया था इसलिये आपके घर गैस नहीं लग पायी / पब्द्रह दिन बाद जब सिलिन्डर आयेगा अब तो तभी आपके घर गैस लग पायेगी /

और भी इसके जवाब देखिये………

 तर्क ४-  गैस लगाने वाला आपके घर गया तो था, लेकिन आपके घर में गैस का सिलिन्डर खाली नहीं था, इसलिये आपकी गैस वापस आ गयी है / अब आपकी गैस कैन्सिल हो गयी है / आपको गैस चाहिये तो आपको गैस की बुकिन्ग दुबारा करानी पडे़गी और फिर डेढ से महीने में गैस भेजी  जायगी 

 तर्क ५- इन्डेन गैस का प्लान्ट बन्द है , इसलिये गैस नही आ रही है / कभी बताते है हड़्ताल हो गयी है / कभी बताते है गैस की सप्लाई नही मिल रही है इसलिये प्लान्ट का काम बन्द है , कभी बताते है , अधिकारियों ने माल नहीं भेजा, कभी बताते है दो हफ्ते की मसक्कत के बाद २० सिलिन्डर भेजे है जो आपके आने से पहले ही लोगों को बान्ट दिये गये / कभी बताते है एक हफ्ते से कोई गैस सिलिन्डर की खेप नहीं आयी है /

 तर्क ६- गैस लगाने वाले आदमी ही पिछले १० दिनों से नहीं आ रहे है / आपकी पर्ची उनके पास है / पता कर रहे हैं कि आपकी गैस का क्या हुआ ?

 यानी गैस न देने के लिये तरह  तरह के यानी एक के बाद दूसरे बहाने इनके पास मौजूद हैं /

 अब सवाल यह है कि जब इस गैस कम्पनी के उपभोक्ताओं के पास गैस नहीं भेजी जाती या गैस नहीं दी जाती या गैस उप्भोक्ताओं को गैस नहीं मिलती , तो यह जाती कहां है और consume  कहां की जाती है ?

 सुमीता गैस एजेन्सी जहां पर स्तिथि है , इसे यदि केन्द्र बिन्दु मान लें तो सारी बात समझ में आ जायगी / इस गैस कम्पनी के २ या तीन किलोमीटर के वृत्ताकार दायरे में खाने की चीजें बनाने वालों के कारखाने है / ये कारखाने बहुत सी खाने पीने की चीजें बनाते है /  ऐसे  कारखानों की भरमार है जहां पेठा, दालमोठ, नमकीन, गजक, शक्कर से बनाये जाने वाले व्यन्जन, टाफी और खाने के लिये बहुत से आईटम हैं /

 ऊपर बताये गये दायरे में बहुत से रेस्टारेन्ट, खाने पीने के स्टाल, होटल और कानपुर सेन्ट्रल स्टेशन के नजदीक की खान पान की दुकानें स्तिथि हैं /

 जहां यह गैस कम्पनी है , यह इलाका बहुत congested और highly populated है / ऐसे हजारों की सन्ख्या में उपभोक्ता है जिनके पास किसी भी गैस कम्पनी की कनेक्सन नहीं है /  यह सब लोग गैस ब्लैक में खरीदते है /

 बहुत से car owner अपनी अपनी कारें और वेहिकिल कुकिन्ग गैस से चला रहे है / इनके पास कोई अधिकृत गैस कनेक्सन नहीं है / इसके अलावा ४ किलो वाले छोटे सिलिन्डर जिन्हे “बच्चा सिलिन्डर”  कहा जाता हैऐसे सिलिन्डरों को भरने के लिये बड़ी सन्ख्या में गली मुहल्लों में दुकाने हैं /

यही कुकिन्ग गैस “गैस से पानी गरम करने” के लिये उपयोग किये जाते है तथा गैस से चलने वाले “जेनेरेटर” भी चलाये जाते है /

इस कम्पनी से गैस आपुर्ति न मिलने पर मै दो बार जिला पूर्ति अधिकारी के दफ्तर भी गया / इसके अलावा मैने इन्डियन आयल के अधिकारियों को लखनऊ तथा कानपुर दोनों जगह सम्पर्क किया / इससे इतना हुआ कि  मेरी शिकायत तो नहीं दर्ज की गयी , उल्टे वहां के क्लर्कों ने फोन करके मेरी गैस जरूर लगवा दी, लेकिन कार्यवाही के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ  और सब वैसा ही चलता रहा , जैसा आज तक चल रहा है / इसमें तनिक भी बदलाव नहीं आया है /

इन्डेन गैस के अधिकारियों से कई बार कहा कि मेरी गैस का कनेक्सन किसी दूसरी गैस एजेन्सी में ट्रान्स्फर कर दे, लेकिन यह भी नही हो पाया / 

मैने इस कम्पनी के मालिकों से गैस न मिलने की शिकायत को बताने के लिये जब सम्पर्क करना चाहा  तो पता चला कि वे यहां रहते नहीं हैं और इसीलिये कम्पनी में क्या हो रहा है, यह देखते तक आते नहीं है, क्योन्कि इस कम्पनी के मालिक लखनऊ में रहते है / कुछ दिल्ली में रहते है और कुछ विदेशों मे रहते है / इनके परिवार की राजनीतिक पहुन्च बड़े ऊन्चे स्तर की है तथा कई नौकर शाह इनके रिश्तेदारों मे हैं /

गैस कम्पनी में देख्र रेख के लिये मुझे दो लोग मिले , एक हैं “हसीन मियां” और दूसरे हैं “शर्मा जी”  / ये दोनों सज्जन एक तो मिलते नहीं हैं क्योंकि इनके मिलने का समय बहुत अनिश्चित है /

The Cooking Gas Cylinder supply cost is Rs 400/- [Rupees FOUR HUNDRED] per cylinder, but in Black, it costs Rs 600/-  [Rupees SIX HUNDRED]  to Rs 1000/-  [Rupees ONE THOUSAND] per cylinder. In case of Gas unavailability due to any reason or in Gas crisis situation , the cost of culinder raises high accordingly. Many Hotels, Restaurants, Food Industries, private persons etc etc are not using COMMERCIAL GAS CYLINDER , beacause they are more costly , comparative to cooking gas, which is much cheaper in rates and more in gas quantity. 

हलान्कि पास में ही और कुछ गैस एजेन्सियां है, इसमें दो इन्डेन की और एक भारत गैस की है , लेकिन इन गैस कमपनियों के  कन्ज्य़ूमर बताते है कि उनके यहां गैस कम्पनी में गैस बुक कराने के दिन से एक सप्ताह के अन्दर गैस मिल जाती है / किन्ही विशेष अड़चनों में दस  पन्द्रह दिनों के अन्दर गैस की आपूर्ति घरॊ में कर दी जाती है /

इस गैस की कम्पनी की अन्य शिकायतें निम्न वेब-साईट पर भी देखें /

www.client-complain.com
www.consumercomplaints.in
www.india-complaints.com
www.worstscams.com 

एक टिप्पणी

  1. This is a national problem.

    Why controlling Government officer or Dist Magistrate is not enquring any Distributors( agency’s) total No. of Customers and how many cylinders he is getting from Botttling factory.Definitely agency gets more cylinders than his customer of population.

    Since it is subsidised thing, misuse is more and customers do not get the subsidised product.

    Thanks

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s