अखिलेश सरकार के बिजली विभाग के भ्रष्टाचारी कारनामे ; हादसा जो मेरे स्वयम के साथ हुआ

यदि उत्तर प्रदेश राज्य की अखिलेस सरकार के बिजली विभाग के ऊपर कोई भी विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार के आरोप को लगाता तो ऐसे आरोप को मै थोड़ा सन्शय के साथ और शक की नजर से जरूर देखता, लेकिन ऐसा भ्रषटाचार मेरे साथ हो गया , मेरे स्वयम के साथ, यह देखकर और झेलकर मुझे पक्का यकीन और विश्वास हो गया कि अखिलेश सरकार के अगर कर्मचारी इसी तरह से भ्रष्टाचार करते रहे तो वह दिन दूर नही , जब एक के बाद एक सरकार में बैठे कर्णधारों और मठाधीसों के भ्रष्टाचार के नमूने सामने आने लगेन्गे /

वाकया दिनान्क २४ दिसम्बर २०१२ का है / मै इस दिन कानपुर शहर से लगभग ६० किलोमीटर की दूरी पर जिला फतेहपुर के एक ग्रामीण क्षेत्र में था / समय लगभग १ बजे का होगा, मेरे लड़्के ने कानपुर से मोबाइल फोन करके सूचना दी कि केस्को बिजली विभाग के पान्च कर्मचारी आये हुये है और बिजली मीटर बदलने के लिये कह रहे हैं / मैने कहा कि ठीक है , पुराना मीटर बदलकर नया मीटर लगा रहे हैं , उनको लगा लेने दो /
थोड़ी देर बाद लड़्के का फिर फोन आ गया / वह बुरी तरह घबराया हुआ था / उसने घबराते हुये कहा कि बिजली कर्मचारी “आठ हजार रुपये” मान्ग रहे हैं / मैने पूछा कि किस बात के मान्ग रहे हैं ? उसने बताया कि कर्मचारी कह रहे हैं कि मीटर की सील टूटी है तथा बहुत सी गड़्बड़ी बता रहे है /

मै घबराया और दहशत में आ गया / मै बहुत तेजी से विचार कर रहा था कि हर महीने मै बिजली का बिल भर रहा हूं / बिजली मीटर चेक करने के लिये हर माह केस्को के तीन चार कर्मचारी हर हफ्ते कम से कम दो बार आते हैं / मीटर रीडिन्ग के लिये मीटर रीडर हर महीने आता है और बिल बनाकर तुरन्त दे जाता है / मै स्वयम बिजली मीटर की देखभाल करता हूं ,हर बात का ध्यान रखता हू कि बिजली मीटर की सील और बिजली मीटर हर हालत मे सही सलामत रहे और सर्विस लाइन से आने वाले तार बिल्कुल ठीक रहे / इतना सब करने के बाद, फिर भी केस्को के कर्मचारी बता रहे है कि मीटर की सील टूटी है / मै बड़े चक्कर में पड़ गया /

मैने लड़्के से कहा कि मेरी केस्को से आये हुये किसी एक कर्मचारी से मोबाइल पर बात करा दें / लड़्के ने अपने मोबाइल से एक कर्मचारी से बात कराई / मैने पूछा कि क्या बात है, पूरा माजरा बताइये ? उस करमचारी से जब मैने पूछा कि आपका नाम क्या है तो उसने बताया कि नाम जानकर क्या करेन्गे ? मैने कहा कि क्या बता रहे हैं / उसने उत्तर दिया कि आपकी मीटर की बाहरी सील टूटी है और अन्दर भी काफी गड़्बड़ी लग रही है / आप बिजली चोरी कर रहे हैं / अगर आप “आठ हजार रुपये दे दे तो मै सारा मामला सुलटा सकता हूं / यह पूछने पर कि आप केस्को के किस विभाग से आये है, तो उसने उत्तर में कहा कि मै हेड आफिस से आया हूं / मेरी उससे और भी बातें हुयी/ अन्त में नैने कहा कि अगर मैने आपको आठ हज़ार रुपये न दिये तो ……..तो आप क्या करेन्गे ? वह बोला मै आपका मीटर कपड़े में सील करके ले जाउन्गा, इसे मीटर चेक करने वाले विभाग को सौप दून्गा / अगर आपके मीटर में कोई गड़्बड़ी निकली तो आपको साठ हजार रुपया जुर्माना देना पड़ जायेगा, इससे अगर बचना चाहते हैं तो यहीं ले दे के मामला सुलटा लीजिये/

मैने कहा कि मै तुमको एक नया पैसा नही दून्गा / तुम मेरा मीटर जैसे चाहो वैसे कपड़े में सील करके ले जाओ / मुझे जुर्माना भरना पड़ा तो सरकार को दून्गा / मै तुमको एक नया पैसा नही दुन्गा, तुमहारी जो इच्छा आवे , जैसी इच्छा होवे कर डालो /

रात साढे सात बजे मै घर लौट कर आया / मैने पूरी बात अपने लड़्के से पूछी, उसने सारा वाकया बताया / मुझे कुछ बात समझ में नही आयी/ न तो केस्को के कर्मचारी कोई नोटिस दे गये , न कोई बाउचर, न कोई लिखा पढी के कागज, न मीटर बदलने से समबन्धित कोई सूचना, कोई कागज पत्र नही, कोई लिखित सूचना नही / ऐसा तो कभी नही हुआ कि केस्को का कोई कर्मचारी आया हो और इस तरह से हड़्काकर चला गया हो , मीटर भी सील करके ले गया हो और कोई लिखा पढी भी न हुयी हो ? यह सन्शय की बात मेरी समझ मे नही आयी /

बहरहाल लड़्के ने कहा कि वह करमचारी कह कर गया है कि आपको केस्को के मीटर जान्च वाले विभाग में बुलाया जयेगा और आपके सामने मीटर खोला जायेगा और उसकी जान्च की जायेगी / मुझे ऐसा कोई कागज मिला भी नही या कोई नोटिस भी नही मिली /

कुछ दिनों के बाद , लगभग एक पखवारे का समय होगा, एक दिन जब मै रात में घर वापस आया तो पडोस के एक दुकान दार ने एक पीले रन्ग की पर्ची पकड़ा दी और कहा पन्डित जी , यह पर्ची आपको देने के लिये कोई दुकान में दे गया है / मैने पर्ची देखी उसमे लिखा था कि मै फलाने दिन केस्को आफिस मे आ कर अपना जमा किया गया बिजली मीटर की जान्च करा लूं / मै निर्धरित समय पर वहां गया आफिस अब्द थ , कोई कर्मचारी नही मिला / बाहर कुछ केस्को के कर्मचारी खड़े थे , उनसे दरयाफ्त किया तो पता चला कि अभी देर मे मीटर जान्चने वाले आयेन्गे/

कई लोगों मे से एक केस्को कर्मचारी ने मेरी शकल सूरत, बाल और अवस्था देखकर पूछा कि बाबा, आपका यहां किस लिये आये है और क्या काम है ? मैने उसको सारी बात बतायी और कहा कि मुझसे कैसे “आठ हजार ” रुपये मान्गे गये और मैने रुपये देने से मना कर दिया / बहर्हाल कर्मचारी आये और मैने उनको बताया कि मेरा मीटर चेक होना है / मुझे पता चला कि जो लोग मेरा मीटर लेगये थे उन्होने अभी तक विभाग में मीटर भेजा नही है  / उन्होने मेरा मोबाइल नम्बर लिया और कहा कि जब मीटर आ जायेगा तब अपको बुला लिया जायेगा /

मै निर्धारित दिन गया, वहां मीटर चेक किया गया / मेरे ऊपर कुछ हजार जुरमाना लगाया गया / हुआ यह कि जो कर्मचारी लोग मेरा मीटर ले गये थे, उनको मैने पैसा नही दिया, उन्ही लोगों ने मुझे फसाने के लिये मीटर में हेरा फेरी कर डाली, जिसका खामियाजा मुझे भुगतना पड़ा /

आफ्सोस मुझे इस बात का सबसे जयादा है और रन्जो-गम इस लिये है कि जो जुर्म मैने किया ही नही , उसकी सजा मुझे भुगतनी पड़ी और नाहक मुझे शारीरिक, आर्थिक और मानसिक परेशानी उठानी पड़ी / 

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