राहुल गान्धी को अभी प्रधान मन्त्री पद के लिये project करने का समय ठीक नही है ; कान्ग्रेस को चाहिये “चिदाम्बरम” को प्रधान मन्त्री पद के लिये project करे

कान्ग्रेस पार्टी को अभी इतना बड़ा रिस्की निर्णय लेना ठीक नही होगा कि राहुल गान्धी को एकदम से प्रधान मन्त्री पद के लिये project  कर दिया जाय और मोदी के खिलाफ लोक सभा का २०१४ का चुनाव लड़ा दिया जाय / ऐसा करना बुध्धिमानी का काम नही होगा / जो इस तरह की सलाह पार्टी के अन्दर कर रहे है वह ऐसा आभास दे रहा है कि जैसे कान्ग्रेस पार्टी के अन्दर अब कोई नेता ही नही बचा है / जो इतने बडे देश का नेतॄत्व सम्भाल सके /

मेरे विचार से अगर प्रधान मन्त्री के लिये नाम project करके लोक सभा का चुनाव लड़्ने का मन अगर कान्ग्रेस पार्टी का बनता है तो इसके लिये सबसे बेहतर और उपयुक्त कन्डीडेट चिदाम्बरम ही एक तरह से सही प्रत्यासी हो सकते है / कैसे ?

मोदी फैक्टर केवल हिन्दी भाषी राज्यों तक सीमित है, इसलिये मोदी का जादू पूरे देश में होगा, इसमे सन्देह है /

चिदाम्बरम कई मायनों मे बहुत अनूठे समीकरण के साथ मोदी को टक्कर दे सकते हैं / पहला चिदाम्बरम south India  से हैं / दूसरा यह नर सिन्म्हा राव के बाद दूसरी  बार होगा जब  SOUTH का कोई Prime  Ministerial candidate लोक सभा के लिये प्रोजेक्ट किया जा रहा होगा / तीसरा साउथ के राज्यों में भी वही बात होगी और समीकरण बनेन्गे  जैसा कि उत्तर के राज्यॊ मे मोदी के लिये बनेन्गे / यानी राज्य के लिये क्षेत्रीय पार्टी और केन्द्र के लिये कान्ग्रेस / चौथा चिदामबरम  की छवि एक साफ सुथरी नेता की है जिसे लोग पसन्द करेन्गे /

राहुल के लिये सबसे अच्छा यही है कि वे अभी सीधे सीधे प्रधान मन्त्री न बने और न अपनी दावे दारी पेश करें / पहले वह कैबिनेट मे राज्य मन्त्री का पद सम्भाले उसके दो तीन साल बाद फिर किसी मन्त्रालय के मन्त्री का ताकि उनकी काबिलियत का पता लोगों को चले , अपने मन्त्रालय का काम जब सम्भालेन्गे और जन्ता को अपनी काबिलियत का मुजाहरा करेन्गे तो फिर प्रधान मन्त्री का दवा पेश करे /

रा्जनीति मे  अगर राहुल गान्धी को लम्बी दूरी सफलता के साथ तय करनी है तो ऐसा ही करना पडेगा, नही तो मोदी द्वारा प्रचारित जुमला “शाहजादे”  सार्थक होने लगेगा और फिर नतीजा या परिणाम ऐसा नही लगता कि बहुत अच्छे मिलेन्गे / यह मोदी की सोची समझी राजनीति है कि “शाहजादे ”  कहकर वे बहुत दूर तक इस देश की जनता की और जनता के दिमाग को किस तरह का ख्याल और opinion देकर अपने पक्ष में कर लेने की क्षमता पैदा कर लेन्गे / यानी मोदी इस देश की जनता को यह समझाने मे कामयाब हो जायेन्गे कि वन्श वाद की राज नीति जिसकी वह बात कर रहे है, किस तरह से कान्ग्रेस पार्टी पर हाबी है / लोग इसके तरह तरह के कयास लगायेन्गे जो राहुल गान्धी के हित मे अभी नही है /