विपक्षी पार्टियों को बैठे ठाले मिल गया एक शानदार मुद्दा राजनीति चमकाने का : अमेरिका द्वारा की गयी देश की बेइज्जती महन्गी पडे़गी

ऐसा लग रहा है कि कान्ग्रेस पार्टी के लिये उसके दिन बहुत खराब है ? अगर समय रहते चेता न गया और इसी तरह से लापरवाही और अनदेखी बरती जाती रही और ढुल मुल रवैया अपनाया जाता रहा तो फिर कान्ग्रेस पार्टी की स्तिथि और ज्यादा बिगड़ने से कोई नही रोक सकता है ?

अमेरिका ने जिस तरह से देश की इज्जत के साथ खिलवाड़ करके रख दिया है , उससे देश के सभी वर्ग के लोग आग बबूला हो रहे है और अन्दर से तपे हुये बैठे हैं / इस समय देश की जन्ता की गर्मी का पारा धीरे धीरे चढ रहा है, समय रहते अगर माकूल जवाब अमेरिका को नही दिया गया तो फिर कान्ग्रेस पार्टी की छिछालेदर तय है /

जहां भी जिस स्थान पर लोगों से बातचीत हुयी है , सभी लोगों का यही मानना है कि लोग अमेरिका की इस तरह की कार्यवाही से बेहद खफा है / नागरिक यही समझते हैं कि देश की आबरू भी कोई चीज होती है / ये सरकार इतनी कमजोर है कि छोटे छोटे देश भी हमको कुछ नही समझते है और आन्खे दिखाते रहते हैं / हम दम भर रहे हैं २०२० मे विश्व की एक ताकत बनकर उभरने का , लेकिन यहां हाल यह है कि हम न जाने किस डर से भयभीत है जिससे लगता है कि सरकार कितनी कमजोर है ?

नरेन्द्र मोदी  के लिये हो सकता है यह  मुद्दा मुफीद साबित हो और मेरी समझ से यह उसे भुनाने की कोशिश अवश्य करेन्गे / सबसे पहले जैसे ही यह समाचार आया कि अमेरिका ने एक महिला राजनयिक के साथ बहुत गन्दा बर्ताव किया है और समाचार चैनलों ने इस खबर का प्रसारण किया / तभी लोगों को जानकारी हुयी कि अमेरिका मे इस घटिया दर्जे की हरकत एक महत्व पूर्ण पद पर बैठे सर्कारी अधिकारी के साथ की गयी है, जिसे अब सभी जानते है /

मोदी से मिलने जब अमेरिकी प्रतिनिधि मन्डल ने इच्छा व्यक्त की तो उन्होने मिलने से इन्कार कर दिया / इसके बाद ही सरकार मे बैठे लोगों की आन्ख खुली अन्यथा बात कुछ दूसरी होती /

बहुत से मुसलमानो  से मेरी बात हुयी है / एक तो मियां भाई ऐसे ही अमेरिका की हरकतो से गुस्साये बैठे है, उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ मन्त्री आजम खान के साथ जैसा व्योवहार अमेरिका मे किया गया , उससे लगभग सभी मुसलमान अमेरिका को गालियां दे रहे हैं और बेहद खफा है  / मियां भाइयों का कहना है कि अमेरिका को सख्त से सख्त सन्देश देना चाहिये और उनको हमारे पैसे से दी जा रही सभी सुविधाये खत्म कर देना चाहिये / वह जैसा व्योवहार करे  उसको उसी भाषा मे जवाब देना चाहिये / मुसलमान कहते है कि हिन्दुस्तान की सरकार अमेरिका को किसलिये इतनी सुविधाये दे रही है जब्कि वह अपने यहां हमारे करमचारियों के लिये कुछ नही करता / ब्योहार बराबरी का हो ऐसा सरकार को करना चाहिये /

देश की जन्ता को यह पता ही नही है कि भारत सरकार अमेरिका दूतावास को ताना शाहों जैसी सुविधा देश के कानून को ताक पर रख कर अमेरिका को दे रही है ? यह पहली बार सार्वजनिक हुआ है कि देश की सरकारे किस तरह जन्ता के पैसे का दुरुप्योग और देश के कानून के साथ खिलवाड़ करते हुये न जाने किस दबाव मे यह सब कर रही है / जब्कि इस तरह की सुविधा हमारे देश के दूतावस को हासिल नही है / यह सब क्यों किया जा रहा है , इस बात का जवाब सरकार को देना चाहिये /

अमेरिका कोई हौवा नही है जो हमको खा जायेगा / कान्ग्रेस को याद दिलाये दे रहा हू कि जब बान्गला देश की मुक्ति के लिये भारत की फौजें बान्गला देश के अन्दर लड़ रही थी, उसी समय अपनी टान्ग अड़ाने के लिये पाकिस्तान का हिमायती बनकर अमेरिका ने अपना सातवां बेड़ा बन्गाल की खाड़ी में भेज दिया था, हमको डराने के लिये , ऐसे कि कोई  हौवा आ जायेगा और हमको खा जायेगा, लेकिन हमारी बहादुर प्रधान मन्त्री इन्दिरा गान्धी ने अमेरिका की हवा निकाल कर धर दी थी / अमेरिका अपना सा मुख लेकर वापस चला गया था / बान्ग्ला देश भी बन गया, क्या कर लिया उसने ?

अब जब हम खुद एक ताकत बन गये हैं तो हम्को भी अपनी ताकत का , अगर दिखावा न भी करे, तो भी ताकत का एहसास भी सबको करा देना चाहिये / जैसा कि प्रधान मन्त्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी ने “परमाणु विस्फोट” करके सब को  चेतावनी देकर अहसास करा  दिया था कि हमे हल्के मे नही समझना चाहिये / हमारे ऊपर प्रतिबन्ध लगा दिये गये , लेकिन सारी दुनियां के देशों को हमारे ऊपर से  प्रतिबन्ध हटाना पड़ा इसलिये कि सारी दुनियां को यह समझ में आया कि अगर इसी तरह से लम्बा प्रतिबन्ध भारत के ऊपर लगा रहा तो उनकी आर्थिक स्तिथि और ज्यादा खराब हो जायेगी, क्योंकि भारत एक बड़ा बाज़ार है / अमेरिका ताकत की भाषा समझता है , इसीलिये इसको Tit for tat की भाषा मे जवाब देना चाहिये / उसने हमारे consulate  की बेइज्जती की है , बहुत बुरी तरह से , हमको भी ऐसा ही सोचना चाहिये / व्यवहार बराबरी का होना चाहिये /हमे आर्थिक नाके बन्दी के बारे में भी सोचना चाहिये / अमेरिका की पुलिस ने अगर हमारे काउन्सलेट को बेइज्जत किया है तो हमारी पुलिस को भी इस ओर ध्यान देना चाहिये / दिल्ली और देश मे रह रहे अमेरिकन कही न कहीं देश का कानून जरूर तोड़ रहे होन्गे / इसकी जान्च की जानी चा्हिये और जैसे भी जहां भी मौका मिले , कानून के तहत सख्त से सख्त कार्य वाही करना चाहिये चाहे इसके लिये कड़ा अध्यादेश क्यों न लाना पडे़ ?

सरकार  को क्या करना चाहिये ?

१- माफी से क्म किसी कीमत पर समझौता नही करना चाहिये , कुछ भी हो जाय / यह देश की इज्जत का सवाल है ? यह nation pride  से जुडा सवाल है /

२- अमेरिका अगर आन्खे दिखाता है, तो हमको भी हक है उसको आन्खे दिखाना / अमेरिका हमारे ऊपर कोई कृपा नही कर रहा है / उसकी मल्टी नेशनल कम्पनियां हमारे यहां व्यापार करके पैसा कमा रही है, तो  अमेरिका अपना बना हुआ माल हमारे देश की बाज़ारों में  बेच रही हैं और मुनाफा कमा रही है  / वह हमे खैरात नही दे रहा है /

३- अमेरिकी अकड़ फूं  रूस और चीन के आगे नही चलती है , क्योकि अमेरिका इन देशों को डरा नही पाया / अमेरिका खुद ही एक डरा हुआ देश है, इसीलिये उसने अपनी आन्तरिक सुरक्षा के लिये न जाने कितने तरह के इन्तजाम करके रखे हुये हैं , लेकिन अमेरिका खुद FEAR PSYCHOSIS  से त्रस्त देश बन चुका है / डरे हुये लोग ही अपनी सुरक्षा के लिये तमाम तरह के ताम झाम इकठ्ठा करके रखते हैं / इसलिये कि वे अपनी सुरक्षा कर सकें / इतना पैसा वह अपनी सेक्य़ूरिटी मे क्यों खर्च कर रहा है ? यही वजह है कि अमेरिका की अर्थ व्यवस्था चरमरा गयी है / जब हद से ज्यादा insecurity  अमेरिका के नागरिको को होगी तो यही हाल होगा / बन्दूक की खुले आम कल्चर से यही नतीजा निकलेगा / अमेरिका का हर आदमी डरा हुआ , अगर नही भी है , तो भी उसे कही न कही मन के किसी कोने मे असुरक्षा का भय तो बना हुआ ही है / चाहे उसका कोई भी कारण हो /

४- कान्ग्रेस के लोगो को याद दिलाये दे रहा हू / मरहूम प्रधान मन्त्री  श्रीमती इन्दिरा गान्धी ने एक बार उड़ीसा की जन सभा मे कहा था कि ” दुनिया झुकती नही है, दुनिया को झुकाया जाता है, दुनिया को झुकाने वाला होना चाहिये ”  

मौजूदा प्रधान मन्त्री आदरणीय सरदार मनमोहन सिन्घ जी की सरकार के रवैये से तो यही लगता है कि शायद “पैसा” उनके लिये ज्यादा महत्व पूर्ण है, भले ही देश की इज्जत चली जाय /.