” केजरीवाल , आप सारे देश में छा गये”

यह मै नही कह रहा हू , यह इस महान देश के नागरिक कह रहे है / मेरी जिन लोगो से इस विषय पर चर्चा हुयी , उसमे समाज के सभी वर्ग और हिन्दू तथा मुसलमानों से विस्तार से चर्चा करने के बाद यही निष्कर्ष निकला कि देश के बड़े राजनीतिक दल कान्ग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी दोनों ही नही चाहते थे कि केजरीवाल सरकार आगे चले /

मेरे obseravtion मे विस्तार से जन्ता के बीच चर्चा करने के बाद जो विचारनीय बिन्दु सामने आये उन्हे मै बताना चाहता हूं /

१- सभी लोग इस विचार-बिन्दु से सहमत थे कि केजरीवाल सरकार ने ४८ दिनों मे जितना काम किया , उतना काम किसी भी राज्य सरकार के मुख्य मन्त्री ने नही किया / इस देश की जन्ता कम्प्य़ूटर युग में आ गयी है , काम के फैसले इसी तरह से तेजी से लेने के लिये दिल्ली के पूर्व मुख्य मन्त्री ने देश के सामने जवलन्त उदाहरण प्रस्तुत किया है कि अगर राज नेता चाहे तो जन्ता को फौरी राहत देने के लिये तेज चाल से काम कर सकते हैं / जमाना बैल्गाड़ी का नही है , जमाना अब सुपर कार और हवाई जहाज और राकेट साइन्स का है /

२- देश के बहुत से राज्यों में देश के नागरिक दिल्ली विधान सभा का LIVE TELECAST देख रहे थे / इसमे साफ साफ दिखाया गया कि “जन लोक पाल” बिल सदन में पेश कर दिया गया है और सदन के पटल पर सदस्यों के विचार के लिये प्रस्तुत किया जा चुका है , लेकिन हन्गामा इस बात को लेकर हुआ कि दिल्ली के उप-राज्य पाल का सन्देश बाद मे विपक्ष द्वारा उठाया गया जिसमे सन्सद द्वारा पास “लोक पाल” बिल और “जन लोक पाल” के बारे मे हिदायते दी गयी थी / इन दोनो मे बहुत महीन पेचीदगी है और यह माम्ला कुछ technical है / वोट २७ केजरीवाल की पार्टी को मिले और ४२ विपक्ष मे गये / Gross Technically समझा जायेगा तो यह “jan lok paal” विधेयक के विरुध्ध वोटिन्ग की गयी है, ऐसा सम्झा जायेगा / विधेयक के विरुध्ध यह वोटिन्ग कान्ग्रेस और भारतीय जन्ता पार्टी ने की है , इसलिये लोग यह मान रहे हैं कि दोनों ही पार्टियां नही चाहती थी कि देश मे व्याप्त भ्रष्टाचार दूर करने के लिये कोई कारगर विधेयक आवे /

३- कान्ग्रेस और भारतीय जन्ता पार्टी के इस तरह से एक जुट होकर केजरीवाल सरकार के खिलाफ हो रही मोर्चे बन्दी को लेकर लोगों को यह समझ मे एक बार फिर आ गया कि दोनो ही पार्टियां भ्रष्टाचार मे डूबी हुयी है और ये दोनो ही देश की जन्ता को बेवकूफ बना रहे हैं / कुछ लोगॊ ने केजरीवाल द्वारा पूर्व भाजपा अध्यक्ष गड़्करी और राबर्ट बाद्रा के भ्र्ष्टाचार का खुलासा किया था / यहां याद दिला दें कि नितिन गडकरी दिल्ली राज्य का भाजपा का काम देख रहे हैं / गडकरी मुम्बई से है और इनके ताल्लुकात मुकेश अम्बानी से है / केजरीवाल की इन सबके खिलाफ दर्ज कारायी गयी FIR से भाजपा और कान्ग्रेस के नेता शायद बौखलाये हुये होन्गे / यह बात लोगों ने खुले दिल से कहा कि भाजपा और कान्ग्रेस दोनो पार्टियों के नेता भ्रष्ट है /

४- कान्ग्रेस और भाजपा का यह आरोप लगाना कि “केजरीवाल सरकार चलाने से बचने के लिये रास्ता ढून्ढ रहे है” / मुसलमानो के बीच हो रही चर्चा मे एक बुजुर्ग हाजी जी ने कहा कि ” केजरीवाल को सरकार चलाने से बचने के लिये रास्ता तो कान्ग्रेस और भाजपा इन दोनों ने ही तो दिया है ताकि इनको [केजरीवाल को ] बाहर निकलने का मौका मिले” /

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