100 शानदार और ग्लोरियस दिन मोदी सरकार के ; 100 GOLDEN AND GLORIOUS DAYS OF NARENDRA MODI GOVERNMENT

१०० दिन प्रधान मन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के काम काज का आंकलन करना अथवा मूल्यान्कन करना एक तरह से बेवकूफी से भरा हुआ बुद्धिजीवियो का काम कहा जायेगा /

यह बेव्कूफी का काम असल मे भारतीय मीडीया का है जिसके पास ऐसे और इसी तरह के शोशेबाजी करने की आदत बन गयी है , खास करके इलेक्ट्रानिक मीडिया के अलम्बरदारो के लिये  / नये नये और  जल्दी लोकप्रियता प्राप्त करने के फेर मे पड़्ने वाले छोटी बुध्धी  के पत्रकारो को किसी बात का मजाक उड़ाना और किसी को नीचा दिखाना जैसा काम करने मे शायद अधिक मजा आता है, इसीलिये ऐसे इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार क्या क्या बकते रहते है यह अगर वे खुद देखे तो ज्यादा अच्छा होता /

पिछले दिनो देश के वरिष्ठ पत्रकार श्री वेद प्रकाश वैदिक के साथ जिस तरह का व्यवहार इलेक्ट्रानिक मीडिया के लौन्डे लफाडी नव सिखिये पत्रकारो ने व्यवहार उन्के साथ किया है वह मै बहुत ध्यान से देख रहा था /  ऐसे पत्रकारो को पत्रकारिता के बुनियादी उसूल भी नही पता है /

ये बहुत शर्म की बात है कि इस तरह के पत्रकार भारत के सम्विधान द्वारा प्रदत्त “अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता” का खुलकर अतिक्रमण कर रहे है / ऐसा लगता है कि पत्रकार अपना “विवेक और सन्यम” दोनो ही खोते जा रहे है /

अब आते है प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी के १०० दिन के काम काज का आंकलन करने का / मुझे याद आता है पूर्व प्रधान मन्त्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार मे रक्षा मन्त्री के पद पर विराज्मान श्री जार्ज फर्नान्डिस का वह उत्तर , जब उनसे पत्रकारो ने पूछा था कि “आप अटल जी की सरकार के १०० दिन के काम काज को लेकर अटल सरकार को १०० मे से कितने नम्बर देना पसन्द करेन्गे ” / जार्ज फर्नान्डिस का उत्तर था , ” १०० मे से १०० नम्बर” /

आज अगर नरेन्द्र मोदी सरकार के बारे मे कोई मुझसे पूछे कि आप कितने नम्बर देन्गे / मेरा उत्तर जार्ज फ्रनाडिस जैसा ही होगा /

यह १०० नम्बर देने की बात मै खुद से नही कह रहा हू, यह देश की जनता  का हर वर्ग कह रहा है / मेरी रोजाना हमेशा बड़े शहर वासियो और कस्बाई तथा ग्रामीण और बहुत एन्टीरियर गावो मे रहने वालो से मुलाकत हुआ करती है /

जितने भी लोग मिले उन सभी लोगो का कहना है  कि ;

[१] मोदी जी के आने के बाद अब मानसिक रूप से गर्व का अनुभव होता है कि हम भारत वासी है / मन मोहन सिन्घ की सरकार से देश के लोगो मे एक  तरह की निराशा और मरणासन्न वाली स्तिथि पैदा हो गयी थी

[२] बे-लगाम महगायी को मोदी जी ने बहुत बेहतर तरीके से कन्ट्रोल किया

[३] विदेश यात्राये करके उन्होने देश का गौरव बढाया 

[४]सीमा पर पाकिस्तान के बढते हौसलो को पस्त किया और करारा जवाब दिया , देशवासियो को पहली बार वास्द्तविकता मे लगा है कि कुछ ठोस कारयवाही पाकिस्तान के खिलाफ की गयी है

[५] न खुद भ्रश्टाचार करेन्गे और न भ्रश्टाचार करने देनेगे और न भ्रष्टाचारियो को बख्सेन्गे यह बहुत अच्ची पहल मोदी सरकार ने की है इससे पहले की सभी सरकारे भ्रष्टाचार को और ज्यादा बढाने मे सहयोग कर रही थी

[६] देश के नवयुवको को और देश के नागरिको को मोदी सरकार का यह जुमला बहुत पसन्द आया और सबसे अच्छा लगा कि “सबका साथ और सबका विकास और तुष्टीकरण किसी का भी नही “

[७] BRICKS  देशो के सम्मेलन मे मोदी ने जिस तरह से अपने सहयोगी देशो को लीड किया उसके बहुत अच्चे परिणाम भविष्य मे देखने को मिलेन्गे/ BRICS Bank की आधार शिला रखने और इसके CEO  भारत का होने  के बाद अरबो डालर का फायदा भारत को भी मिलेगा , यह आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार की बहुत बड़ी सफलता है /

[८] कई लोगो ने कहा कि BRICKS  देश अगर मिलकर काम करते रहे इसी तरह से सहयोग करते रहे तो सभी पाच देशो की समस्याये दूर होने मे बहुत मदद मिलेगी / साउ्थ अफ्रीका के पास ्जमीन बहुत है जिनमे हर तरह की जरूरत की खेती करके देश के खाद्यान्य और फलो सब्जी की कमी को दूर किया जा सकता है /साउथ अफ्रीका के पास बहुत बडे क्षेत्र की जमीन है जिसे खेती करने के लिये  lend  की जा सकती है और हमारे पास उन्नत किस्म की आधुनिक वैग्यानिक कृषि तकनीक है जिसे साउठ अफ्रीका को देकर बड़ी मात्रा मे उपज पैदा की जा सकती है जिसे बेचकर या  खरीद कर सभी लाभान्वित हो सकते है

[९] कई लोगो का यह कहना है कि BRICS  देशो के तीन देश चीन और रूस और भारत मिलकर यदि काम करते है तो यह विश्व शान्ति के लिये एक नया अध्याय खुलेगा

[१०] जिस तरह से मोदी की सरकार काम कर रही है , यह काम करने की शैली का अन्दाज सबसे अलग लोगो को और देश वासियो को दिखाई भी दिया और महसूस भी हआ/ लाल किले से मोदी के भाषण से देश के लोग बहुत प्रभावित हुये है / उन्होने जिन समस्याओ को उजागर किया और उन पर अमल करने का आश्वासन दिया उससे देश के लोगो का उन पर भरोसा बढा है /

[११] मोदी का अपने भाषण मे यह कहना कि “मेक इन इन्डिया”  कथन  से  इस देश को उन्नति करने के लिये बहुत दूरगामी प्रभाव देने वाला साबित होगा / रोजगार और व्यापार तथा manufacturing  और innovation और development के लिये मील का पथ्थर साबित होन्गे/

[१२] अमेरिका के अन्दर खलबली जरूर मची होगी और वह सोच रहा होगा कि मोदी के जापान और ब्रिक्स के दौरे से वह शायद भारत के लिये बनायी गयी रणनीत मे पिछड़ गया है / यह सच भी है / शायद अमेरिका को अहसास होना शुरू हो गया है इसीलिये उनके यहां से जितने भी बयान आ रहे है , वे इसीलिये है कि वह किस तरह से नुकसान की भरपाई कर सकता है / यह वही अमेरिका है जिसने मन मोहन सिन्ह की सरकार के समय से मोदी का अमेरिका आने का रास्ता बन्द कर रखा था / ऐसा क्या हो गया कि मोदी के प्रधान मन्त्री बनते ही   अमेरिका की हेकड़ी ढीळी पड़ गयी है /  अमेरिका को अब शायद यह अहसास होने लगा है कि रूस और चीन और भारत की यह तिकड़ी दुनिया मे क्या क्या गुल खिला सकती है  ?

[१३] देश की जन्ता के लिये जन-धन योजना का सूत्र पात और बैन्क खातो का खोलने का बहुत दूर गामी असर पडे़गा ऐसा लोग मानते है / मजे की बात यह कि मोदी को गाली देने और बुरा भला कहने वाले राजनीतिक दलो के समर्थक यथा बसपा और सपा और कान्ग्रेस के कार्यकर्ता और इस पार्टियो के वोटर और भाजपा को कभी भी वोट न देने वाले वॊटर जन-धन योजना के अन्तर्गत बैन्क मे अपना खाता खोलने के लिये सबसे पहले आतुरता के  साथ लाइन मे खडे हुये थे /

मोदी सरकार के १०० दिन का लेखाजोखा  कहने के लिये और बताने के लिये बहुत कुछ है /

अब कान्ग्रेस और सपा और बसपा के लिये भी कुछ कहना चाहून्गा /

सबसे पहले कान्ग्रेस को लेता हू / कान्ग्रेस के नेता जिस तरह से रोदन और विलाप कर रहे है इससे उनकी ही पार्टी की छवि धूमिल हो रही है / कान्ग्रेस को चाहिये कि वे सबसे पहले अपना धरातल मज्बूत करे / जमीनी स्तर के कार्यकर्ता तैयार करे / इसे जेबी पार्टी मत बनाये / जिस पार्टी का गौरवशाली इतिहास रहा हो उसकी दुर्दशा देखकर दुख और अचम्भा होता है / पार्टी को चाहिये कि जोड तोड की राज नीति से दूर रहकर अपना बलबूता बढाये / बिहार मे तीन पार्टियो का गठबन्धन हुआ और इसमे से एक सीट कान्ग्रे को मिलना कोई बहुत अच्छी बात नही कही जायेगी / इस तरह से जोड तोड करेन्गे तो पार्टी और ज्यादा कमजोर होगी और इसकी यही हालत होगी जैसे कभी भाजपा की लोक सभा मे दो सीटो तक होकर सीमित हो गयी थी /

कान्ग्रेस पार्टी ने गलतिया की है तो इसकी सजा तो भुगतनी ही पडेगी / गलतिया पर गलतिया करते चले गये और कान्ग्रेस के नेता इसे समझ नही पाये / कोई न्या नेता का चेहरा सामने नही आया / न तो मुसलमानो का कोई नेता कान्ग्रेस मे उभर कर आया , वही दो तीन चेहरे हमेशा दिखाई देते है / कान्ग्रेस को चिन्तन करना चाहिये कि नये जुझारू नेता उभर कर क्यो नही सामने आये ? क्या वजह रही है कि कान्ग्रेस इतना कमजोर होती चली गयी / यही हाल अगर रहा जैसा कि ढर्रा वर्तमान मे चल रहा है तो मुझे निराशा ही लगती है कि कान्ग्रेस पार्टी कुछ बेहतर कर पायेगी /

सपा पार्टी के लिये लोगो का कहना है कि यह एक ही परिवार की पार्टी है जो मुसलमानो के वोट हथियाने के चक्कर मे प्रदेश का नुकसान कर रही है / गुन्डई और दब्न्गई और नगई बढ गयी है , और जब जब सपा की सरकार प्रदेश मे आयी है तब तब अराजकता बढी हुयी होती है / सपा का चाय बेचने वाले प्रधान मन्त्रि क्या बनेन्गे और कान्ग्रेस के लिये पीठ पीछे समर्थन और सामने गाली गलौच का नाटक  इस पार्टी को ले डूबा है /

बसपा के लिये लोगो का कहना है कि बहन जी का शासन तो बहुत अच्छा रहा और बहन जी के शाशन काल मे गुन्डई पर लगाम और अराजकता नही के बराबर रही लेकिन राज्य का विकास नही हुआ / लोग इस बात पर जरूर ताज्जुब कर रहे है कि लोक सभा के चुनाव मे बहन जी को एक भी सीट चुनाव मे नही मिली / इसका एक कारण कुछ लोगो ने बताया कि बहन जी ने मोदी को सवर्ण कह दिया था जबकि वह हकीकत मे गुजरात के पिछडे  OBC  वर्ग के  है [ यू०पी० मे मोदी जी मेरे विचार से SC /ST  वर्ग मे आते, उदाहरण के लिये उत्तर प्रदेश मे यादव बिरादरी पिछडे वर्ग मे आती है लेकिन गुजरात मे यादव बिरादरी सवर्ण वर्ग मे आती है] जब मोदी ने अपनी जाति का खुलासा किया कि उनकी माता जी ने मोदी जी के भाइयो और बहनो को लोगो के घरो मे बरतन मान्जने का काम करके और लोगो के घरो की साफ सफाई करके सबको पाला पोसा , ऐसा मोदी का खुलासा करने से प्रदेश की बसपा समर्थक माया वती के बोटर मायावती के कथन से भड़्क गये और उन्होने खुलकर मोदी को वोट दिया / मायावती का कान्ग्रे सरकार को समर्थन और फिर सामने कान्ग्रेस की फ्जीहत करने की नौटन्की का रज सबके सामने खुल जाने के कारण मायावती के वॊटर बहुत नाराज थे / लोग मर रहे थे और ये नेता कान्ग्रेस की फजीहत करने के बजाय उन्का साथ दे रहे थे /

जब यह सब होप्गा तो देश की जनता बेवकूफ नही है / बसपा तो साफ हो गयी आगे भी चुनावो मे इसके आने के आसार बहुत कम है /

 कुल मिलाकर यही कहून्गा कि  मोदी सरकार ने १०० दिनो मे जिस तरह की क्रियाशीलता दिखाई है  उससे  देश का सभी वर्ग प्रसन्न है /

एक विशेष बात यह कहना चाहून्गा कि दूर दूर तलक लोग राष्ट्रीय स्वयम सेवक सन्घ के बारे मे बहुत उत्सुकता के साथ जानना चाहते है कि यह किस तरह का सन्गठन है / RSS  के लिये  यह अच्छ्छा मौका है जब वह सन्घ के स्वयम सेवको को “वन भोज” के कार्य क्रम बजाय शहरो के ऐसे इलाको मे आयोजित करे जहा ग्रामीण और एन्टीरियर के क्षेत्र आते हों / मुझसे लोग सन्घ के बारे मे पूछते है, मुझे जितना ग्यान सन्घ के बारे मे है मै उन सभी जिग्यासुओ को बताता हू /

 

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