महीना: अक्टूबर 2014

IS IT POSSIBLE THAT JAYA LALITA AND LALU PRASAD YADAV WILL AGAIN BE BEHIND THE BAR ? क्या ऐसा सम्भव होगा कि भविष्य मे जय ललिता और लालू प्रसाद यादव दुबारा जेल की हवा खायेन्गे ?

क्या ऐसा समभव होगा कि अदालती जमानत पर छूटे हुये जय ललिता और लालू प्रसाद यादव दुबारा जेल की हवा खायेन्गे ?

बात बड़ी विचित्र सी है ? पिछले कुछ अदालती निर्णयों का आनकलन करे तो यह सही साबित हो सकता है ?

याद करिये कुछ साल पहले चन्डीगढ की रहने वाली उस लड़्की का केस जिसमे तत्कालीन डी०आई०जी० राठौर को डेढ साल की सजा सुनाई गयी थी , लेकिन वह छह माह बामुश्किल स्जा काट कर वापस आ गये कि उनको दिल की बीमारी है /

बाद मे क्या हुआ और अदालत की क्या कारयवाही हुयी किसी को पता नही है ? मीडिया मे भी सांप सून्घ गया है और ये सभी हाइबेरनेशन की अवस्था मे आ गये / किसी ने राठौर को क्या आगे हुआ ? जानने और समझने की कोशीश भी नही की गयी / मीशिया ने रायता तो उस समय खूब फैलाया लेकिन यह फैला हुआ रायता कैसे समेटा जाय , यह शाय्द सब मीडिया के लोग भूल गये /

बात करते है जय ललिता और लालू प्रसाद यादव का /

राठौर ने अदालत मे यह सिध्ध कर दिया कि वे दिल की अति गम्भीर बीमारी से परेशान है इसलिये उनको कैद मे न रखा जाय /

अब यही जय ललिता और लालू प्रसाद यादव भी करेन्गे /

अपने देश मे यह बहुत बड़ी सुविधा है कि खूब लूटॊ और खूब बेइमानी करके अनाप शनाप  पैसा पैदा करिये और उसे बाहर भेज दीजिये या यही कही खपा दीजिये और जितनी ज्यादा से ज्यादा हो सके टैक्स की चोरी करिये और सरकार के जितना ज्यादा  चूना लगाकर अपना घर भर ले और ज्यादा  से  ज्यादा  अपनी राज्नीतिक दूकान की बदौलत    जितना हो सके पैसा पी जाओ और डकार लेने का नाम तक न लो /

पकड़े जाइये तो तोहमत अपने विरोधी दलो पर लगा दीजिये और अपने को दूध का धुला बताइये और हराम की   एक कौड़ी भी आपके के लिये पाप के समान है यह बताइये / अपने ऊपर आ रहे हमलो का ठीकरा दूसरे के सर पर फोड़ दीजिये /

कानून भी आप्का कुछ नही बिगाड़ पायेगा / पैसा पी जाइये जितना अधिक से अधिक हो सके / एक तो पकडे नही जायेन्गे इसकी सम्भावना 99.999%  प्रतिशत होती है अगर पकड़े भी गये तो इस जनम मे आप्को कुछ नही होने वाला है /

अगर आप पकड़ भी लिये गये तो अपने को किसी गम्भीर बीमारी होने का रोगी बता दें /

जैसा कि राठौर ने बताया कि वे गम्भीर किस्म की हृदय रोग से पीडित है और अगर वे जेल गये तो फिर मानसिक बीमार होकर उनका जीवन ही खात्रे मे पड़ जायेगा /

जैसा जय ललिता ने बताया कि उनको गम्भीर किस्म का रोग है

अब इसी तरह लालू प्रसाद भी बतायेन्गे   कि उनको गम्भीर किस्म की हृदय रोग की बीमारी है जैसा कि उन्होने अभी अभी मुम्बई मे जाकर  अपने दिल का आप्रेशन क्रा लिया है /

अम्मा जेल मे थी तो सबने देखा कि क्या हुआ ?

लालू जेल मे गये तो क्या हुआ ? जेल से छूटते ही लालू ने बाहर आकर कहा कि मोदी की वजह से वे जेल गये थे /

ऐसे नेताओ के  उनके अन्ध समर्थक क्या कानून है और किस बात के लिये जेल गये यह सब नही समझते है उनको तो लगता है कि उनके नेता के साथ दूसरे नेता  ्ने  जेल भिजवा दिया जैसा कि उनके इलाके के थाना पुलिस वाले करते है /

मुझे नही लगता कि फिलहाल बहुत जल्दी ये नेता जेल के सीकचो के अन्दर होन्गे /

हा, यह भी एक सत्य है कि हमारे जैसे सामान्य आदमी के ऊपर अगर ऐसी कोई सजा होती तो शायद ही जेल की सजा पूरी किये बगैर बाहर की हवा सेवन करने का मौका मिलता /

देर से अगर न्याय मिलता है तो यह किसी अन्याय से भी कम नही कहा जा सकता है /  

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“AAM ADAMI PARTY” WILL HAVE IMPORTANCE AGAIN ; “आम आदमी पार्टी ” के लिये लोगो के मन मे अभी भी जगह है

तेजी से भारतीय राज्नीति मे अचानक से उभरने वाली “आम आदमी” पार्टी के लिये अभी भी लोग सोचते विचारते है और इसे पसन्द करते है / लोग चाहते है कि यह पार्टी अपना वजूद कायम रखे और अपनी इसी ideology पर कायम रहे और लगातार इसी पर काम करती रहे जो उसके agenda मे है /

मोदी की कोई भी लहर हो या न हो , मोदी की सरकार कर रही हो या न कर रही हो , लेकिन अभी भी लोगो का भरोसा मोदी की सरकार पर पूरा का पूरा नही है /

भारत की 95 % प्रतिशत आम जनता अन्य सैकड़ो समस्याओ के भीतर से मुख्य रूप से ऊभर कर प्रत्यक्ष रूप मे आने वाली तीन बातो को सबसे ज्यादा  भुगतती है /

[१] करप्शन यानी  हर स्तर पर हो रहा  भ्रष्टाचार ; राजनीतिक और सरकारी स्तर तथा अन्य

[२] सरकार की अकर्मण्यता ; सरकारो का कोई काम न करना

[३] कानून और व्यवस्था की स्तिथि यथा थाना पुलिस और न्यायालयो मे न्याय पाने के लिये जद्दो – जहद

करीब करीब सभी राज्यो मे यही तीन समस्या नागरिको को परेशान किये हुये है /  इनका कोई हल भी नही निकल पा रहा है इसलिये लोग इस तरह की व्यवस्था से परेशान हो रहे है और लोगो को यही नही सूझ रहा है कि वे करे तो क्या करे ? लोगो को कोई सुनने वाला नही है /

देश के लोग आम आदमी पार्टी की कार्य शैली की सराहना करते है और जिस तरह से पार्टी के नेता अरविन्द केजरीवाल की कार्य शैली को अब ठीक समझने लगे है , इसलिये लोगो को लगता है कि आम आदमी पार्टी की काम करने की नीयत ईमान दार है और   ठीक है और यह पार्टी देश के लिये    बहुत कुछ करना चाहते है और इनको भी मौका देना चाहिये /लोग अब यह भी ठीक और सही  समझने लगे है कि आम आदमी पार्टी जिस “जन लोक पाल बिल” को लागू करना चाहती है , वही सही मालूम होता है /

मेरा आम आदमी पार्टी से यही सन्देश देना  है कि इस पार्टी को अब दुगने जोश के साथ कार्य क्षेत्र मे डट जाना चाहिये / सम्भल समभल कर दूरगामी परिणामो पर विचार करके कदम उठाये /

मोदी सरकार भ्रष्टाचार को हटाने और good Governance  की भले ही बात करे लेकिन ये कुछ नही कर पायेन्गे , स्तिथि जस की तस रहेगी यह तो तय है / क्योकि इसके पीछे आर०एस०एस० है जिसके हाथ मे लगाम है /

देश के लोगो  को एक बेहतर ईमान दार  विकल्प चाहिये, इसलिये लोग “आम आदमी पार्टी” की ओर  आशा जनक रूप से  देख रहे है /

मै तो यही कहून्गा कि इस पार्टी के नेताओ को अपनी पिछली गलतियो से सबक लेकर फिर से कमर कस कर कर्म क्षेत्र मे जुट जाना चाहैये / भविष्य मे देश की राज नीति एक दिन आप ही तय करेन्गे क्योन्कि कान्ग्रेस तो अब धीरे धीरे अस्ताचल की ओर जा रही है /

B.J.P. WILL BE LARGEST PARTY IN NUMBER IN BOTH THE STATES HARYANA AND MAHARASHTRA ; बी०जे०पी० दोनो राज्य हरियाणा और महाराष्ट्र मे सन्खया के हिसाब से सबसे बड़ी पार्टी होगी ;

महाराष्ट्र और हरियाणा दोनो राज्यो मे चुनाव होने जा रहे है /

मेरा आन्कलन महाराश्ट्र के बारे मे इस प्रकार है ;

>>>>>>>  नम्बर एक पर सन्खया के हिसाब से भारतीय जनता पार्टी सबसे अधिक नम्बर वाली पार्टी होगी

>>>>>>>  नम्बर दो पर सन्ख्या के हिसाब से एन०सी०पी० पार्टी होगी

>>>>>>> नमबर तीन पर शिव सेना होगी

>>>>>>> नम्बर चार पर कान्ग्रेस होगी

>>>>>>> सहयोगी दलो की सन्ख्या भी comfortable position  की होगी

महाराष्ट्र मे सरकार भाजपा और इसके सहयोगी दलो तथा शिव सेना के साथ मिलकर बनेगी यह तय है

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हरियाणा मे दलो की स्तिथि फिल्हाल    त्रिशन्कु विधान्सभा के आसार नजर आ रहे है ; यह स्तिथि  निम्न हो सकती है ;

>>>>> भाजपा सबसे बड़ी सन्ख्या वाली पार्टी होगी

>>>>> कान्ग्रेस भी कुछ कम सनख्या वाली पार्टी होगी

>>>>> ईनेलो भी उक्त दोनो से कुछ कम सन्ख्या वाली पार्टी होगी

सम्भावना है कि भाजपा और इनेलो  और   अन्य छॊटे दल मिल     कर सरकार बनायेन्गे / यह सरकार बनाना या न बनना उसी तरह से होगा जैसे कि दिल्ली मे हुआ है /

CURRENCY NOTES AND METAL COINS SHOULD BEAR THE PICTURE OF BHARAT RATNA AND PARAM VIR CHAKRA AND ASHOKA CHAKRA TITLE HOLDERS ; GOVERNMENT SHOULD THINK OVER IT ; कागज की और धातु की दोनो करेन्सी मे भारत रत्न और परम वीर चक्र और अशोक चक्र धारको के चित्र छापे जांने के बारे मे विचार करना चाहिये

भारतीय करेन्सी मे चाहे वह कागज की हो या धातु की , पिछले ६० सालो से   राष्ट्र पिता  महात्मा   गान्धी का नोटो पर छपा हुआ चित्र देखते हुये चले आ रहे है / यह पिछले लगभग 60 सालो से चला आ रहा है / किसी किसी छोटे कीमत वाले नोटॊ पर अशोक की  तीन  शेरो वाली लाट भी दिखाई देती है /

विश्व के बहुत से देशो मे यथा अमरीकी डालर और यूरोप के देशो की तथा  एशिया के कई देशो मे ऐसी स्तिथि नही है / इन देशो की करेन्सी मे उन देशो के प्रसिध्ध नेताऒ के अलावा अन्य चित्रो की छाप होती है /

बहरहाल अब इस स्तिथि को बदलने का प्रयास किया जाना चाहिये /

मेरा मानना है कि अब तक देश मे जितने भी  ” भारत रत्न ” धारी विभूतियां है उनके चित्रो को कागज की करेन्सी और धातु की करेन्सी पर छापा जाये या उकेरा जाये /  इसी श्रन्खला मे हमारे देश के “परम वीर चक्र ” और “अशोक चक्र” धारी विभूतियो  को भी शामिल किया जाना चाहिये /

यह एक तरह से इस देश  की  जनता के लिये प्रेरणा दायक होगा कि उनके देश के कितने भारत रत्न हुये और परम वीर चक्र धारी हुये और अशोक चक्र धारी हुये जिन्होने इस देश के लिये विभिन्न क्षेत्रो मे सर्वोत्तम कार्य किये और देश के लिये अपने प्राण देकर  एक गौरव गाथा सब्को प्रेरणा देने के लिये देश वासियो के मन मे लिखकर इस दुनिया से विदा हो गये /

करेन्सी धन के लेन देन का एक ऐसा साधन है जिसके जरिये प्रत्येक व्यक्ति तक यह सन्देश दिया जा सकता है कि उनके देश की कितनी महान विभूतिया हुयी है,  यह जब चेतन अथवा अचेतन मन मे करेन्सी को देखकर उसके मन मे अन्कित पूर्व ग्यान का भान होगा /  जैसा कि अभी वर्तमान मे महात्मा गान्धी का चित्र देखकर और अशोक की शेरो वाली लाट देखकर सभी देश वासी समझ जाते है कि महात्मा गान्धी कौन थे और अशोक की लाट का क्या मतलब है ?

समय के साथ करेन्सी का स्वरूप भी बदलना चाहिये / इससे कई फायदे है / एक ही तरह की करेन्सी लगातार चलने से इसमे नकली नोट चलने की और छापने की बहुत समभावनाये होती है / अलग अलग तरह के चित्रो वाले नोट छपने से इसमे कमी आयेगी /

देश के लोग जब भारत रत्न खान अब्दुल गफ्फर खान और इन्दिरा गान्धी और राजीव गान्धी और लता मन्गेशकर और बिस्मिल्लाह खान और   मदर टेरेसा तथा अन्य भारत रत्नो को नोटॊ पर छपे हुये देखेन्गे तो उनको पता चलेगा कि कितने महान लोग इस देश मे पैदा हुये / इसी तरह जब परम वीर चक्र धारी और अशोक चक्र धारी लोगो को देश वासी देखेन्गे और समझेन्गे तो देश के लोगो को गर्व होगा कि उनके देश की माटी ने कितने बहादुर और जाबाज लोगो को पैदा किया /

भारत सरकार को सोचना चाहिये कि  इस दिशा मे क्या किया जा सकता है ? यह सुझाव feasible  है अथवा नही. क्योन्कि अपने देश मे यह बड़ी विचित्र स्तिथि है कि हर बात का राज्नीति-करण होने लगता है और इसी कारण से बहुत उपयोगी योजनाये भी साकार रूप नही ले पाती है /

हा, एक बात मै जरूर यहां कहून्गा कि इसकी शुरुआत बहुत छोटे सिक्के के साथ की जा सकती है जैसे की १ रुपये का धातु का सिक्का और १० रुपये का कागज का नोट / एक काम और कर सकते है कि limited  सन्ख्या मे Reserve Bank of India चान्दी या सोने के सिक्के भारत रत्न और चक्र धारियो के ढाल कर इसे  pre-booking  करके सीधे उन लोगो को भेज सकती है जो इस तरह के सिक्के लेना चाहते है /  इस तरह के सिक्के जमा करने का शौक पालने वाले इस देश और दुनिया मे बहुत से लोग है जो coins and note collectors  है /

सिक्को की कीमत कुछ सस्ता करना चाहे तो सिक्को को चान्दी और सोना दोनो धातुओ को मिलाकर एक   सिक्का बना दे जैसा कि दस रुपये की कीमत वाले सिक्के का स्वरूप है जो पीतल और  स्टील से मिलाकर बनाया गया है / ठीक इसी तरह से  बीच मे सोना और बाहर चान्दी की धातु  या बाहर सोना और अन्दर चान्दी की धातु का सन्योग करके इसे बना सकते है /

धीरे धीरे माहौल बनने पर ऐसा कागज के नोटो और  स्टील   धातु के सिक्को पर छाप कर और उकेर कर  इसे    विस्तारित किया जा सकता है /

मौका है एक अच्छी शुरुआत की /