आर०टी०आई० सूचना के लिये रुपया २०००/- [ रुपया दो हजार ] मान्गे गये ; नगर पालिका दफ्तर से रुपया दस का IPO और application भी गायब हो गयी

अगस्त २०११ में मैने एक मुकदमे के सिलसिले में R.T.I. की सूचना के तहत जिला: उन्नाव , उत्तर प्रदेश की एक नगर पालिका में application दी थी / कुछ दिन बाद नगर पालिका के दफ्तर में जाने पर पता चला कि मेरी application मय दस रुपये के IPO के गायब है / सम्बन्धित क्लर्क ने कहा कि दुबारा application दीजिये / दुबारा application दी गयी /

आर०टी०आई० की सूचना की मुझे जरूरत इसलिये पड़ी क्योंकि मेरा एक किरायेदार मेरा दो लाख चालिस हजार रुपये का किराया लेकर रफू-चक्कर हो गया / मुकदमा लड़ता रहा और किराया , कचेहरी में जमा नहीं किया और कानून की कमजोरी का फायदा उठाकर भाग गया / किरायेदार से पैसा वसूली के लिये जिला उन्नाव की अदालत में मुकदमा चल रहा है / मेरे वकील नें कहा कि
इस किरायेदार के मकान और जायदाद के लिये पन्चशाला कागज की जरूरत है, जो नगर पालिका के दफ्तर में ही मिलेगा /

मैने सम्बन्धित क्लर्क से बात की तो उसने बताया कि जिस व्यक्ति के मकान का पन्चसाला चाहते है , उसने अपना टैक्स जमा नहीं किया है, इसलिये मिलेगा नहीं / अब आपके पास यही आर०टि०आई० का रास्ता बचा है / इसके लिये आपको रुपया २०००/- खर्च करने पड़ेन्गे, तभी यह सूचना आपको मिल पायेगी /

यह वही समय था “अन्ना हजारे” के दिल्ली के रामलीला ग्राउन्ड में चल रहे “भ्रष्टाचार हटाओ” आन्दोलन का, जिसमें अन्नाजी, भूख हड़्ताल कर रहे थे / मैने उनाव जाकर अपने वकील से पूरी बात बतायी और यह भी बताया कि रुपया २०००/- सूचना देने के लिये मान्गे जा रहे है /

वकील साहब ने कहा, ” पन्चशाला नहीं मिल रहा है तो रहने दीजिये, आर०टी०आई० लेने में इतना अन्धेर खाता मचा है, आप एक भी पैसा मत दीजिये, आप यह सब रहने दीजिये, किरायेदार की मकान की स्तिथि का पता कर लीजिये, और अगली तारीख में मुझे बता दीजियेगा” /

यह उदाहरण यही बताता है कि lower beurocracy मे जिस तरह का भ्रष्टाचार घुस गया है, उससे कैसे निपटा जाय ? यहां तो हाल यह है कि जिस सरकारी द्फ्तर मे काम के लिये जाता हूं , वहीं दफ्तर का हरेक सरकारी मुलाजिम मुंह खोले बैठा है कि जो आया है उसकी जेब कैसे साफ करी जाय?

चाहे वह केन्द्र की सरकार हो या राज्य की सरकारें, चाहे वह कोई भी राज्नीतिक दल हो, कोई भी नहीं चाहता कि इस देश से भ्रष्टाचार दूर हो / मुझे अविश्वास जैसा लगता है कि जिस तरह का सरकार जन लोक्पाल बिल ला रही है , उससे देश के लोगों का कोई भला होगा, बल्कि मुझे ऐसा लगता है कि इस बिल के पास हो जाने के बाद भ्रष्टाचार और ज्यादा बढ जायेगा / क्योंकि “बोफोर्स कान्ड” के उजागर होने के बाद सरकारी दफ्तरों में जिस तेजी से सुविधा शुल्क और घूस देने कि रकम में इजाफा हुआ है, यह मै तब से आज तक देख रहा हू और देखता चला आ रहा हूं / इसलिये मेरे अनुभव में यही है कि सरकारी कर्मचारियों के दिल घूस लेने के मामले में और अधिक खुल जायेन्गे, क्यों कि हर कानून में बहुत से ऐसे छेद होते है जो लोगों को साफ बच जाने का मौका देते है /

सुखराम को लीजिये पन्द्रह साल से अधिक हो गये अभी तक सजा नहीं मिली, क्यों ? पुलिस अधिकारी राठौड का क्या हुआ ? ऐसे ही हजारों हजार नेता और अधिकारी मौजूद हैं, जिनके ऊपर अभी तक वर्षों से कोई कार्यवाही नही हुयी है और सभी फाइलें धूल चाट रही हैं / दर असल इन सबके दिल भ्रष्टाचार से खुल गये है और ऐसे लोग बे-खौफ हो गये हैं / क्या आप समझते है कि कनीमोरी और राजा जैसे नेता सुधर जायन्गे और फिर कभी आगे भ्रष्टाचार नहीं करेन्गे या भरष्टाचार से तौबा कर लेन्गे ? जी नही, यह सोच बिल्कुल गलत है ? अब इन सभी का भ्रष्टाचार करने का तौर तरीका बदल जायेगा, ये और दुगनी तिगनी ताकत लगाकर अधिक से अधिक से भ्रषटाचार करेन्गे, क्योन्कि इनके दिल खुल गये है, ये बे-खौफ हो जायेन्गे / ये समझ गये है कि भ्रश्टाचार करने के बाद ज्यादा से ज्यादा क्या हो सकता है ? इन्हे भ्रष्टाचार से बचाव के सब रास्ते और भ्र्ष्ट कार्यों की सजा से बचने के सभी महीन से महीन बातें पता हो गयी है / सजा काट लेने के बाद सालों मुकदमा लड़ लेन्गे , और पैसा हजम कर जायेन्गे / चार महीने की जेल काटकर अगर बीस हजार करोड़ बचते है तो ऐसा सौदा बुरा कहा जायेगा ?

कुकिन्ग गैस ब्लैक करने मे सबसे अव्वल ; कानपुर शहर का बदनाम इन्डेन गैस डीलर “सुमीता गैस एजेन्सी”

कानपुर शहर की जिस इन्डेन कुकिन्ग गैस डीलर के बारे मे देख रहे है  और पढ रहे है आप , वह इस शहर का नम्बर एक कुकिन्ग गैस यानी रसोई गैस को ब्लैक में बेचने वाला कारोबारी है / इस रसोई गैस यानी कुकिन्ग गैस कम्पनी की अनियमितताओं और गैस को ब्लैक में बेचने के बारे मे पचासों बार कानपुर शहर के दैनिक अखबारों मे समाचार छप चुका है / शहर के किसी भी इस गैस आपूर्ति कम्पनी के मेरे जैसे उपभोक्ताओं से पूछ लीजिये और जानकारी करिये कि इस एजेन्सी की गैस , जो उपभोक्ताओं को आपूर्ति की जानी चाहिये वह जाती कहां है ?  घर में गैस की आपूर्ति नहीं होती और न इसके करमचारी घरों में गैस सिलिन्डर लगाने आते है, तो बुक की गयी गैस जाती कहां है ?

पिछले दो द्शकों से मै इस गैस एजेन्सी का उपभोक्ता हूं / इस गैस एजेन्सी का रिकार्ड है कि इसने शायद  ही एक साल में मुझे तीन या चार गैस सिलिन्डर कायदे से भेजे हों / मैने २३ अक्टूबर २०११ को इस गैस एजेन्सी में खुद जाकर अपनी गैस की बुकिन्ग कराई थी, लेकिन एक महीना हो गया अभी तक गैस नहीं आई / यह पहली बार नही हुआ है / ऐसा हर बार होता है और जब भी मै गैस बुक कराता हू, डेढ महीने से लेकर चार महीने में गैस की आपूर्ति हो पाती है / 

अब इनके गैस न भेजने के तर्क भी पढ लीजिये जो इस एजेन्सी के मालिकों और करमचारियों ने गढ रखे हैं /
पहला तर्क-१ ; आपके यहां हमारा कर्मचारी गैस लेकर गया था, लेकिन आपके घर में कोई नहीं था इसलिये गैस वापस आ गयी, इसलिये आपकी गैस कैन्सिल कर दी गयी है / आपको दुबारा गैस बुक करानी पडेगी /

दूसरा तर्क -२ ; आपकी गैस की पर्ची भेज दी गयी है / जब तक आप घर पहुचेन्गे आपकी गैस लग गयी होगी / घर आने पर पता चला कि गैस एजेन्सी से कोई भी बन्दा गैस लगाने नहीं आया / मुझसे इस गैस एजेन्सी के करमचारियों ने झूठ बोला /

तीसरा तर्क-३ ; आपके घर जो सिलिन्डर भेजा गया था उसमें गैस की लीकेज निकल आई, गैस लगाने वाले ने देख लिया था इसलिये आपके घर गैस नहीं लग पायी / पब्द्रह दिन बाद जब सिलिन्डर आयेगा अब तो तभी आपके घर गैस लग पायेगी /

और भी इसके जवाब देखिये………

 तर्क ४-  गैस लगाने वाला आपके घर गया तो था, लेकिन आपके घर में गैस का सिलिन्डर खाली नहीं था, इसलिये आपकी गैस वापस आ गयी है / अब आपकी गैस कैन्सिल हो गयी है / आपको गैस चाहिये तो आपको गैस की बुकिन्ग दुबारा करानी पडे़गी और फिर डेढ से महीने में गैस भेजी  जायगी 

 तर्क ५- इन्डेन गैस का प्लान्ट बन्द है , इसलिये गैस नही आ रही है / कभी बताते है हड़्ताल हो गयी है / कभी बताते है गैस की सप्लाई नही मिल रही है इसलिये प्लान्ट का काम बन्द है , कभी बताते है , अधिकारियों ने माल नहीं भेजा, कभी बताते है दो हफ्ते की मसक्कत के बाद २० सिलिन्डर भेजे है जो आपके आने से पहले ही लोगों को बान्ट दिये गये / कभी बताते है एक हफ्ते से कोई गैस सिलिन्डर की खेप नहीं आयी है /

 तर्क ६- गैस लगाने वाले आदमी ही पिछले १० दिनों से नहीं आ रहे है / आपकी पर्ची उनके पास है / पता कर रहे हैं कि आपकी गैस का क्या हुआ ?

 यानी गैस न देने के लिये तरह  तरह के यानी एक के बाद दूसरे बहाने इनके पास मौजूद हैं /

 अब सवाल यह है कि जब इस गैस कम्पनी के उपभोक्ताओं के पास गैस नहीं भेजी जाती या गैस नहीं दी जाती या गैस उप्भोक्ताओं को गैस नहीं मिलती , तो यह जाती कहां है और consume  कहां की जाती है ?

 सुमीता गैस एजेन्सी जहां पर स्तिथि है , इसे यदि केन्द्र बिन्दु मान लें तो सारी बात समझ में आ जायगी / इस गैस कम्पनी के २ या तीन किलोमीटर के वृत्ताकार दायरे में खाने की चीजें बनाने वालों के कारखाने है / ये कारखाने बहुत सी खाने पीने की चीजें बनाते है /  ऐसे  कारखानों की भरमार है जहां पेठा, दालमोठ, नमकीन, गजक, शक्कर से बनाये जाने वाले व्यन्जन, टाफी और खाने के लिये बहुत से आईटम हैं /

 ऊपर बताये गये दायरे में बहुत से रेस्टारेन्ट, खाने पीने के स्टाल, होटल और कानपुर सेन्ट्रल स्टेशन के नजदीक की खान पान की दुकानें स्तिथि हैं /

 जहां यह गैस कम्पनी है , यह इलाका बहुत congested और highly populated है / ऐसे हजारों की सन्ख्या में उपभोक्ता है जिनके पास किसी भी गैस कम्पनी की कनेक्सन नहीं है /  यह सब लोग गैस ब्लैक में खरीदते है /

 बहुत से car owner अपनी अपनी कारें और वेहिकिल कुकिन्ग गैस से चला रहे है / इनके पास कोई अधिकृत गैस कनेक्सन नहीं है / इसके अलावा ४ किलो वाले छोटे सिलिन्डर जिन्हे “बच्चा सिलिन्डर”  कहा जाता हैऐसे सिलिन्डरों को भरने के लिये बड़ी सन्ख्या में गली मुहल्लों में दुकाने हैं /

यही कुकिन्ग गैस “गैस से पानी गरम करने” के लिये उपयोग किये जाते है तथा गैस से चलने वाले “जेनेरेटर” भी चलाये जाते है /

इस कम्पनी से गैस आपुर्ति न मिलने पर मै दो बार जिला पूर्ति अधिकारी के दफ्तर भी गया / इसके अलावा मैने इन्डियन आयल के अधिकारियों को लखनऊ तथा कानपुर दोनों जगह सम्पर्क किया / इससे इतना हुआ कि  मेरी शिकायत तो नहीं दर्ज की गयी , उल्टे वहां के क्लर्कों ने फोन करके मेरी गैस जरूर लगवा दी, लेकिन कार्यवाही के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ  और सब वैसा ही चलता रहा , जैसा आज तक चल रहा है / इसमें तनिक भी बदलाव नहीं आया है /

इन्डेन गैस के अधिकारियों से कई बार कहा कि मेरी गैस का कनेक्सन किसी दूसरी गैस एजेन्सी में ट्रान्स्फर कर दे, लेकिन यह भी नही हो पाया / 

मैने इस कम्पनी के मालिकों से गैस न मिलने की शिकायत को बताने के लिये जब सम्पर्क करना चाहा  तो पता चला कि वे यहां रहते नहीं हैं और इसीलिये कम्पनी में क्या हो रहा है, यह देखते तक आते नहीं है, क्योन्कि इस कम्पनी के मालिक लखनऊ में रहते है / कुछ दिल्ली में रहते है और कुछ विदेशों मे रहते है / इनके परिवार की राजनीतिक पहुन्च बड़े ऊन्चे स्तर की है तथा कई नौकर शाह इनके रिश्तेदारों मे हैं /

गैस कम्पनी में देख्र रेख के लिये मुझे दो लोग मिले , एक हैं “हसीन मियां” और दूसरे हैं “शर्मा जी”  / ये दोनों सज्जन एक तो मिलते नहीं हैं क्योंकि इनके मिलने का समय बहुत अनिश्चित है /

The Cooking Gas Cylinder supply cost is Rs 400/- [Rupees FOUR HUNDRED] per cylinder, but in Black, it costs Rs 600/-  [Rupees SIX HUNDRED]  to Rs 1000/-  [Rupees ONE THOUSAND] per cylinder. In case of Gas unavailability due to any reason or in Gas crisis situation , the cost of culinder raises high accordingly. Many Hotels, Restaurants, Food Industries, private persons etc etc are not using COMMERCIAL GAS CYLINDER , beacause they are more costly , comparative to cooking gas, which is much cheaper in rates and more in gas quantity. 

हलान्कि पास में ही और कुछ गैस एजेन्सियां है, इसमें दो इन्डेन की और एक भारत गैस की है , लेकिन इन गैस कमपनियों के  कन्ज्य़ूमर बताते है कि उनके यहां गैस कम्पनी में गैस बुक कराने के दिन से एक सप्ताह के अन्दर गैस मिल जाती है / किन्ही विशेष अड़चनों में दस  पन्द्रह दिनों के अन्दर गैस की आपूर्ति घरॊ में कर दी जाती है /

इस गैस की कम्पनी की अन्य शिकायतें निम्न वेब-साईट पर भी देखें /

www.client-complain.com
www.consumercomplaints.in
www.india-complaints.com
www.worstscams.com 

अमिताभ बच्चन के पौत्री आगमन पर ; मेरा सपना पूरा हुआ

तीन वर्ष से अधिक हुआ है यानी २ मार्च २००८ को जब मैने एक रात एक सपना देखा था, जो फिल्म अभिनेता श्री अमिताभ बच्चन से जुड़ा हुआ था और इस सपने में मै देख रहा था कि मैं उनके पोते Grandson को यानी श्री अभिषेक बच्चन के लड़्के को अपनी गोद में लेकर खिला रहा हूं और उसको अपना आशीर्वाद दे रहा हूं / इस सपने का जिक्र मैने अपने इसी ब्लाग के एक पोस्ट पर दिनान्क ०४ मार्च २००८ को किया था /

यह सपना भी बड़ा ही विचित्र था / वैसे मै सपने बहुत कम देखता हूं / अक्सर रात में जब सो जाता हूं तो स्वाभाविक है कि मन की स्तिथि अधिक स्वछन्द और चलाय मान हो जाती है और मन मश्तिष्क अपनी रफ्तार से बेलगाम होकर भागते रहते हैं / नीद के आगोश में न जाने कहां किधर यह मन शरीर को घुमाता रहता है, किसे क्या पता कब किधर यह चला जाय /

मुझे सपने याद भी नहीं रहते हैं / एक तो देखता कम हूं , दूसरे मै सपनों मे क्या हुआ , यह जानने और समझने की फुरसत ही नहीं रहती / मै इन सपनों की हकीकत को न तो नकारता हूं और न ही स्वीकार करता हूं / बुजुर्ग लोग गांव शहर मे बताते थे, जैसा कि मै बचपन से सुनता चला आ रहा हूं, कि सपने अगर ब्राम्ह मुहूर्त में देखें जांयें तो सच निकलते हैं /

मैने यह सपना ब्राम्ह मुहूर्त मे देखा था और कुछ मिनटॊं तक, लगभग चार या पान्च मिनट तक, देखने के बाद मेरी सपना देखते देखते ही नींद पूर्ण चेतना के साथ खुल गयी थी / सपने को देखते देखते मेरे मन की चेतना जब अर्ध चेतन अवस्था में आयी तो इसी अर्ध चेतन अवस्था में मैं यह समझ कर बड़ा आश्चर्य चकित था कि अभी रात तक तो मै कानपुर में था, यह अचानक मै मुम्बई में अमिताभ बच्चन के घर कैसे पहुन्च गया ?

इस सपने के बारे मे मैने किसी को भी नहीं बताया / लेकिन मन में बार बार और कई बार जब इस सपने के बारे मे याद आया तो मैने इसका जिक्र अपनी पत्नी और कुछ दोस्तों को बताया / अगले दिन मैने इस सपने के बारे में अपने इसी ब्लाग के पोस्ट में कुछ साल पहले लिखा था /

मुझे अच्छी तरह अब भी याद है कि जिस बच्चे को अमिताभ बच्चन ने मुझे आशीर्वाद देने के लिये मेरे हाथों में दिया था, वह वास्तव में चड्डी पहने हुये था और डायपर पहने था , इसलिये मुझे उसके लिन्ग के बारे मे कोई ग्यान नही मिला / मैने बाद में अपने आप अनुमान लगाया कि शायद बच्चा पुरूष लिन्ग होगा / इसीलिये उस पोस्ट में मैने Grandson शब्द का प्रयोग किया है /

मुझे खुशी है कि मेरा देखा हुआ सपना पूरा हुआ / मै श्री अमिताभ बच्चन और उनके परिवार को बधाई देता हू और शिशु को दीर्घायु और शतायु होने की शुभ कामना देता हूं /

अमिताभ बच्चन के पिता जी कविवर श्री हरिवन्श राय जी बच्चन को मै अपनी युवावस्था और कालेज के दिनों मे तथा एकाध कवि सम्मेलनों में कविता पाठ करते हुये देखा और सुना है / इसके अलावा मै उनके परिवार के किसी सद्स्य से न तो कभी मिला हूं और न मेरा कोई परिचय है / यदा कदा टी०वी० या फिल्मों में जरूर अमिताभ बच्चन के परिवार के सदस्यों को देख लेता हूं /

बच्चन परिवार को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें /

Today’s Prime Minister Sardar Manmohan singh Government Decision SHOCKED THE WHOLE NATION

Its night for me  and is remaining 15 minutes to 01 O’clock, I wake up because I could not sleep due to ANXIETY  OF THE FUTURE  of this Great Nation.

The first issue of the anxiety is the CREADIBILITY  of this Government. I think , the Government have dishonoured the way of GANDHIAN  AGITATIONS totally in this country. The way , dealing  such a crisis, is looking  that novices are running the Governmet without any brain and direction and future results.

The second one , this Governemnet have lost the FAITH and BELIEFS on the NATIONAL LEVEL by their own insincerity. They are jumping from  one branch to another, simply by their own reasons, unsatable in their behaviours without any resonsibility. The Nation is running on the mercy of those hands , which keeps away themselves from any RESPONSIBILITY and RESPONSIVENESS.

We are greatest DEMOCRATIC COUNTRY in the Globe. The whole world is watching our attitude and way of solving this problem, which we have today and agitation on ANTI CORRUPTION MOVEMENT. Are our leaders conveying the massage to the whole world, that DEMOCRACY SYSTEM of Governence is a system of full of corruption and there is no place for rectification, if it is brought in notice by the public and mass to clean corruption ?

The corrupted leaders are more powerful than the public , who sent them for serving the nation for FIVE years and they collectively are making MONEY without any interruption.  

This is an EXTREME STAGE of ANXIETY, everybody should think over it and draw a solution to the problem as early as possible.

I am shocked by the statements of the responsible POLITICIANS of this great country. It looks me that no body is interested in removing  Corruption, adversely they prefer to do corruption without interruption.

प्रधान मन्त्री सरदार मन मोहन सिंह की सरकार का क्या २०११ में अन्त हो जायेगा ?

प्रधान मन्त्री सरदार मन मोहन सिंह की सरकार का क्या २०११ में अन्त हो जायेगा ?

हालात तो कुछ ऐसे ही पैदा हो रहे है / यह कान्ग्रेस की खुश किस्मत थी कि २००९ के चुनाव में उसकी सरकार बन गयी / वह भी दूसरे दलों के समर्थन से / अब इन सभी समर्थन देने वाले दलों के और कान्ग्रेस पार्टी के बीच क्या और किस तरह की डील हुयी और उनके बीच क्या सहमति हुयी , यह तो वही जाने, लेकिन सच सामने आ गया , जब २ जी घोटाला हुआ, राष्ट्र मन्डल खेलों मे भयानक तरीके का भ्रष्टाचार निकल कर सामने आया , मुम्बई की आदर्श सोसायटी मे गैर कानूनी खेल हुआ और इसके साथ ऐसी दूसरी बातें सामने आयी , जिसे मैने पिछले साठ साल में न देखा , न सुना /

अन्ना हजारे हमारे देश के एक वरिष्ठ नागरिक है / वे भारतीय सेना की सेवा एक सैनिक के स्वरूप में कर चुके है / सामाजिक कार्यों की बदौलत उनको उपलब्धियां मिली, जिसे देखकर कोई भी शख्स उनके एचीवमेन्ट का अन्कलन कर सकता है / अविवाहित अन्ना हजारे के पास अपना कहने के लिये कुछ भी नहीं है, न कोई बहुत ज्यादा बैन्क बैलन्स, न दुकान, न मकान, न प्रापर्टी, न खेत , न खलिहान, न कोई असेट्स / यह बात इस देश की जनता को अच्छी तरह से पता है /

अन्ना जी को सेना की ओर से कई मेडल दिये गये / उनको देश का पद्म श्री, पद्म भूषन, राजीव गान्धी सद्भावना पुरस्कार और भारत सरकार तथा महाराष्ट्र सरकार के पुरष्कारों से नवाजा गया / उनकी उपलब्धियों के बारे में मैने दो दशक पहले मशहूर अन्ग्रेजी मासिक पत्रिका Readers Digest में पढा था /

ऐसे साफ सुथरे चरित्र जैसे व्यक्ति के ऊपर जब कान्ग्रेस के घाघ नेताओं ने और सरकार ने साथ मिलकर चौतरफा हमला बोला तो यह स्वाभाविक था कि इसकी प्रतिक्रिया धीरे धीरे जन मानस में कान्ग्रेस के खिलाफ होती चली गयी / कान्ग्रेस के कपिल सिब्बल, पी० चिदामबरम, अम्बिका सोनी, जनार्दन द्विवेदी के साथ साथ अभिषेक मनु सिन्घवी, मनीष तिवारी और दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं ने जब अन्ना के खिलाफ बोलना शुरू किया तो इस देश की जनता को यह अच्छा नही लगा / देश के लोगों ने यह समझा कि कान्ग्रेस एक तो खुद चोरी और भ्रष्टाचार कर रही है , इसके साथ साथ सीना जोरी भी दिखा रही है और इस बात की चुनौती इस देश की जनता को दे रही है कि अब जो भी उखाड़ना है , उखाड़ लो /

कान्ग्रेस पार्टी और कान्ग्रेस की सरकार की ऐसी ललकार और इस देश की जनता को दी गयी चुनौती से जनता सनक गयी और नतीजा सामने है , जो हम सभी देख रहे है /

दिनांक १६ अगस्त २०११ को सन्सद के अन्दर के बीते घटना क्रम को याद करिये / सन्सद ठप हो गयी थी / लगभग दिन ११ बजे श्री लाल कृष्ण आडवाणी से कम्युनिस्ट पार्टी के सान्सदों की मुलाकात हुयी / फिर दिन में ४ बजे शाम यही सब सान्सद और विपक्ष के अन्य नेता श्रीमती सुषमा स्वराज से मिले और बैठक हुयी / इसी बैठक में भाग लेने के लिये समाजवादी पार्टी के श्री मुलायम सिह जी यादव भी आये /

यह बैठक शाम ६ बजे तक चली / बैठक समाप्त होने के बाद श्री मुलायम सिह ने कहा कि सरकार ने अन्ना को गिरफ्तार करके गलती की है, इसका खामियाजा इस सरकार को भुगतना पड़ेगा /

शाम ७ बजे अन्ना हजारे को दिल्ली पुलिस रिहा कर देती है / क्यों ?

हम केवल कयास और Guess लगा सकते है कि क्या क्या स्तिथियां बन सकती है, जब कम्युनिस्ट पार्टी के साथ सारा विपक्ष और श्री मुलायम सिह मिले होन्गे ?

पहला – देश की स्तिथि पर चर्चा और सबका यह कहना कि देश में emergency जैसे हालात हो गये है

दूसरा – कान्ग्रेस की सरकार को सहयोग दे रहे दलों की मानसिकता और उनके विचार

तीसरा – क्या हालात ऐसे बन रहे है जिससे कान्ग्रेस की सरकार अल्प मत में आ सकती है /

चौथा – कान्ग्रेस की सरकार यदि बनी रहती है तो सब ठीक है लेकिन परिस्तिथि वश यदि गिरती है तो इस स्तिथि में क्या किया जा सकता है ?

पान्चवा – भारतीय जनता पार्टी का कहना होगा कि अगर सरकार अल्प्मत में आती है तो वे सरकार नहीं बनायेन्गे क्योंकि कोई भी नेता नही चाहता कि सरकार गिरने का ठीकरा भाजपा के सिर फोड़ा जाये / वैसे भी उनको कोई समर्थन देने वाला नहीं होगा /

छठवां – इस स्तिथि में एक समीकरण यह होगा कि कम्युनिस्ट सामने आकर सरकार बनायें / लेकिन इनको समर्थन कौन देगा /

सातवां – ऐसे में श्री मुलायम सिह इस देश के प्रधान मन्त्री हो सकते है और कान्ग्रेस सरकार गिरने की दशा में आगे आ सकते है / क्योंकि उनकी छवि बहुत अच्छी नहीं, तो बहुत खराब भी नहीं है /

आठवां – श्री मुलायम सिह को भारतीय जनता पार्टी बाहर से समर्थन दे सकती है और सरकार में शामिल न होकर अगले बचे टर्म तक सरकार चलाने में मदद कर सकती है /

नवां – कम्युनिस्ट तथा शेष विपक्ष जिसमें तेलगू देशम, शिव सेना आदि शामिल होकर अपने अपने राज्यों में फिर से पैठ बना सकेन्गे, क्योंकि ये सब केन्द्र की सरकार में शामिल होन्गे /

दसवां – जाहिर है , उत्तर प्रदेश में चुनाव होने वाले है / सभी के निशाने पर बहन मायावती होन्गी / केन्द्र में जब श्री मुलायम सिह प्रधान मन्त्री होन्गे, तो बहन मायावती का क्या होगा ? यही हाल पश्चिम बन्गाल, आन्ध्र प्रदेश और महाराष्ट्र की सरकारों का होगा / भाजपा का भी फायदा होगा / कम्युनिस्टॊ की बल्ले बल्ले हो जायेगी और जाहिर है कु० ममता बनर्जी से हार की खुन्नस पश्चिम बन्गाल को भी न ले डूबे /

ग्यारहवां – मुलायम सरकार तो जन लोक पाल विधेयक पास करके जनता की वाह वाही तो लूटेगी ही, सभी पार्टियां अपने जनाधार में इजाफा करके देश की जनता की सहानुभूति भी बटोर ले जायेन्गी /

अन्ना हजारे अगर यह कह रहे हैं कि सरकार यदि ३० अगस्त २०११ तक जन लोक पाल बिल नहीं पास करेगी तो फिर सरकार अपने अस्तित्व के लिये भी सोचे ?

कान्ग्रेस की मौजूदा सरकार ने जल्दी ही कुछ नही किया तो मुझे लगता है कि कुछ तो होकर रहेगा, मुझे तो सारी गणित लगाने के बाद यही समझ में आता है /